एक जून से मद्रासी कैंप में चलाया जाएगा बुलडोजर अभियान
दिल्ली हाईकोर्ट ने मद्रासी कैंप में सार्वजनिक भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह कार्यवाही एक जून 2025 से शुरू की जाएगी। अदालत ने कहा कि यह कार्रवाई एक सुव्यवस्थित और सुनियोजित तरीके से होनी चाहिए, जिससे किसी भी प्रकार की अराजकता से बचा जा सके। अदालत ने यह भी जोड़ा कि अतिक्रमण हटाने का यह कदम दिल्ली में बारापुला नाले की सफाई और जलभराव की समस्या को सुलझाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
पुनर्वास के लिए लगेंगे विशेष शिविर, पात्र लोगों को मिलेगा नरेला में घर
हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अतिक्रमण हटाने से पहले निवासियों के पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की जाए। इसके तहत दिल्ली सरकार, डीडीए, एमसीडी, डूसिब और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम 10 से 12 मई के बीच दो शिविर लगाएगी। एक शिविर नरेला में फ्लैट आवंटन से संबंधित होगा, जबकि दूसरा शिविर आवश्यक होने पर ऋण स्वीकृति के लिए आयोजित किया जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि अधिकतर निवासियों ने पुनर्वास के सर्वेक्षण में भाग लिया है, जिससे उन्हें उनके अधिकारों की पूरी जानकारी है।
अदालत का स्पष्ट निर्देश – केवल पुनर्वास का अधिकार, भूमि पर नहीं कर सकते कोई दावा
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने यह स्पष्ट किया कि मद्रासी कैंप में रह रहे लोग केवल पुनर्वास का दावा कर सकते हैं, न कि भूमि पर किसी प्रकार का स्थायी अधिकार। चूंकि यह भूमि सार्वजनिक है, इसलिए इस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अस्वीकार्य है। अदालत ने यह भी कहा कि अगर कोई निवासी अब भी सर्वेक्षण से छूट गया है, तो उसे डूसिब के माध्यम से अपनी पात्रता जांचने का अवसर मिलेगा।
जलभराव रोकने को बारापुला नाले की सफाई जरूरी, अवैध निर्माण बना बड़ी बाधा
हाईकोर्ट ने यमुना नदी से जुड़े नालों में हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि बारापुला नाले के किनारे बने अवैध निर्माण, विशेष रूप से मद्रासी कैंप, नाले की सफाई में बाधा बन रहे हैं। इससे मॉनसून के दौरान गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित होता है। अदालत ने यह भी माना कि समय रहते नाले की सफाई न होने से पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ती हैं, इसलिए नाले को साफ रखने के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है।
