On Buddha Purnima, RPI (Athawale) Haryana President Ravi...
Deck the halls with our festive treasures - $49 flat Discounts on iPhones Dismiss
Total digital information

On Buddha Purnima, RPI (Athawale) Haryana President Ravi...
हरियाणा, बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) हरियाणा के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रवि (सोनू) कुंडली ने प्रदेश और देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के विचार आज के समय में बेहद प्रासंगिक हैं, विशेषकर उन वर्गों के लिए जो वर्षों से भेदभाव और अन्याय का सामना करते आ रहे हैं।
रवि कुंडली ने कहा कि शांति, करुणा और अहिंसा जैसे गौतम बुद्ध के मूल सिद्धांत आज के समाज को समरसता और बराबरी की राह पर ले जाने में सहायक हैं। उन्होंने बुद्ध के विचारों को सामाजिक बदलाव के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि ऐसे विचारों को अपनाना आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।
उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर और गौतम बुद्ध के विचारों को आपस में जुड़ा हुआ बताया। रवि कुंडली ने कहा, “डॉ. अंबेडकर ने 1956 में बौद्ध धर्म अपनाकर न सिर्फ एक आध्यात्मिक मार्ग चुना, बल्कि सामाजिक असमानता के खिलाफ एक क्रांतिकारी कदम भी उठाया। यह परिवर्तन आज भी दलित समाज के आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है।”
रवि कुंडली ने स्पष्ट किया कि धर्मांतरण केवल आध्यात्मिक बदलाव नहीं था, बल्कि यह सामाजिक न्याय का एक शांतिपूर्ण और मजबूत विकल्प भी था, जिससे यह संदेश जाता है कि अन्याय और भेदभाव का सामना अहिंसा और विचारशीलता के साथ भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) हरियाणा में दलित समाज के हक और अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है और पार्टी का मकसद है – एक समान, न्यायपूर्ण और समरस समाज का निर्माण।
अंत में रवि कुंडली ने युवाओं से अपील की कि वे गौतम बुद्ध और डॉ. अंबेडकर के विचारों को पढ़ें, समझें और जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा, “आज जब समाज में वैमनस्य और बंटवारे की प्रवृत्तियाँ बढ़ रही हैं, ऐसे में संवाद, सहिष्णुता और आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करने की जरूरत है।”
उन्होंने युवाओं से यह भी आह्वान किया कि वे सामाजिक न्याय, समानता और अहिंसा के मूल्यों को अपनाकर एक सकारात्मक बदलाव के वाहक बनें और एक बेहतर समाज की ओर मिलकर कदम बढ़ाएं।