रूस दौरे से पहले भारत का कड़ा संदेश: आतंकवाद बर्दाश्त नहीं, “छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं”
प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसदों ने कहा – भारत शांति चाहता है, पर सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
भारत से एक सर्वदलीय (सभी पार्टियों के नेताओं वाला) प्रतिनिधिमंडल रूस के दौरे पर जा रहा है। रूस रवाना होने से पहले इस दल के सांसदों ने एक बड़ा और सख्त बयान दिया है। उनका साफ कहना है कि भारत एक शांतिप्रिय (शांति को पसंद करने वाला) देश है, लेकिन अगर कोई देश भारत की सुरक्षा को खतरे में डालता है या आतंकवाद फैलाता है, तो भारत उसे छोड़ेगा नहीं।
दिल्ली एयरपोर्ट से बोले सांसद ब्रिजेश चौटा
इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाजपा सांसद कैप्टन ब्रिजेश चौटा ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह पहली बार सांसद बने हैं और यह दौरा उनके लिए एक खास अनुभव है। उन्होंने कहा कि रूस में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संदेश पहुंचाएंगे कि आतंकवाद को भारत किसी भी हालत में सहन नहीं करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि भारत पहले ही दुनिया को बता चुका है कि “व्यापार और आतंकवाद साथ नहीं चल सकते और खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।” उनका मतलब यह था कि अगर किसी देश से भारत व्यापार करता है, तो वह देश आतंक को सपोर्ट नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान जो झूठा प्रचार कर रहा है, उसका भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जवाब देगा।
सांसद अशोक मित्तल का भी बयान
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने भी पाकिस्तान को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए साफ दिखा दिया है कि हम आतंकवाद पर चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान अब दुनिया भर में यह झूठ फैला रहा है कि भारत ने उनके आम नागरिकों या इमारतों को निशाना बनाया है, जबकि असल में भारत ने केवल आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला किया है।
मित्तल ने यह भी कहा कि अगर पाकिस्तान बार-बार परमाणु हथियारों की धमकी देता है, तो भारत भी मजबूर होकर कार्रवाई कर सकता है। भारत किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता, लेकिन अगर कोई भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तो भारत पूरी ताकत से जवाब देगा।
रूस से सहयोग की उम्मीद
भारत का यह प्रतिनिधिमंडल रूस जाकर वहां की सरकार और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों से मुलाकात करेगा। चर्चा इस बात पर होगी कि आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कैसे काम किया जाए। भारत अब दुनिया भर में अपने मजबूत और स्पष्ट रुख के साथ आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता बना रहा है।
