प्रेस की स्वतंत्रता पर खतरा: वरिष्ठ पत्रकार राकेश कुमार ने मध्य प्रदेश में पत्रकारों पर हमलों के खिलाफ प्रेस क्लब की सक्रिय भूमिका की सराहना की
राकेश कुमार बोले — सत्ता की ज्यादतियों के खिलाफ प्रेस क्लब की सक्रियता पत्रकारिता की एकजुटता का प्रतीक
दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा स्वराज एक्सप्रेस के भिंड ब्यूरो प्रमुख अमरकांत सिंह चौहान को पुलिस सुरक्षा देने के आदेश के बाद वरिष्ठ पत्रकार राकेश कुमार ने पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की निर्णायक भूमिका की सराहना की है।
भारतीय पत्रकारिता में तीन दशकों से अधिक अनुभव रखने वाले राकेश कुमार ने कहा कि जो पत्रकार सत्ता से असहज सवाल पूछते हैं, वे लगातार उत्पीड़न और हिंसा का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “प्रेस क्लब ने जिस तरह से चौहान और अन्य पत्रकारों के मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया दी, वह इस बात का संकेत है कि पत्रकार समुदाय अन्याय के खिलाफ चुप नहीं रहेगा। राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने में प्रेस क्लब की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।”
राकेश कुमार ने मध्य प्रदेश में पत्रकारों के साथ हो रही ज्यादतियों पर गहरी चिंता जताते हुए कहा, “पत्रकारों को बुलाना, मारना, कपड़े उतरवाना और झूठे बयान दर्ज करने पर मजबूर करना — यह कानून का पालन नहीं, बल्कि सत्ता का दुरुपयोग है। ऐसे माहौल में प्रेस क्लब का समर्थन न केवल साहस बढ़ाता है, बल्कि यह संदेश देता है कि जब पत्रकार एकजुट होते हैं, तो वे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकते।”
दिल्ली हाई कोर्ट का यह आदेश तब आया है जब अमरकांत सिंह चौहान ने अवैध रेत खनन और पुलिस की भूमिका पर रिपोर्टिंग के बाद जान का खतरा महसूस करते हुए मध्य प्रदेश छोड़ दिया। धर्मेंद्र ओझा (न्यूज़ 24), शशिकांत गोयल (बेजोड़ रत्न), और प्रीतम सिंह (एनटीवी भारत) जैसे कई अन्य पत्रकार भी डराने-धमकाने, मारपीट और जबरन बयान वापसी जैसी घटनाओं का सामना कर चुके हैं।
राकेश कुमार ने पत्रकार बिरादरी से सतर्क और संगठित रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमें जवाबदेही तय करनी होगी और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक ठोस, व्यापक कानून की मांग करनी चाहिए। यह सिर्फ एक राज्य या एक पत्रकार का मामला नहीं है, यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा को बचाने की लड़ाई है।”
अंत में, उन्होंने मीडिया संस्थानों, नागरिक समाज और संवैधानिक निकायों से आग्रह किया कि वे मध्य प्रदेश की घटनाओं पर नजर रखें और उन लोगों को जवाबदेह ठहराएं जो अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
