सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी नहीं, केवल चिन्हित 19 स्थलों पर अनुमति
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बकरीद के मौके पर सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिलाधिकारी (DM) राजेंद्र पेंसिया ने साफ किया है कि कुर्बानी केवल प्रशासन द्वारा तय किए गए 19 चिन्हित स्थलों पर ही दी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि खुले स्थानों या सार्वजनिक जगहों पर जानवरों की कुर्बानी करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। DM ने बताया कि इस फैसले के पीछे लोक व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिक उद्देश्य है और इससे जुड़े सभी पक्षों से पहले ही चर्चा कर ली गई है।
धार्मिक नेताओं को समय सीमा का पालन करने की सलाह, शांति की उम्मीद
DM पेंसिया ने जानकारी दी कि प्रशासन ने धार्मिक नेताओं से 7 जून से 9 जून के बीच दोपहर 3 बजे तक कुर्बानी की रस्म पूरी करने की अपील की है। उनका कहना है कि ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से होने की पूरी उम्मीद है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा पानी, बिजली और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित जानवरों के वध पर पहले से ही रोक है और पिछले पांच वर्षों में ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर कुर्बानी के वीडियो पोस्ट करने पर रोक, निगरानी तेज
प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति कुर्बानी के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करेगा। अगर ऐसा किया गया तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। DM ने बताया कि साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए लगभग 900 से 950 लोगों पर पहले से ही निवारक प्रतिबंध लगाए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह संभल प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि इस बार बकरीद पर किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोक व्यवस्था बनाए रखने और सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह कदम उठाया गया है।
