नेपोटिज़्म की मार: ‘आजाद’ से सिद्धार्थ निगम बाहर, माँ ने जताया दर्द
मेकर्स की पहली पसंद थे सिद्धार्थ, अंतिम समय पर बदल गया फैसला
टीवी और फिल्मों में अपनी एक्टिंग से पहचान बना चुके सिद्धार्थ निगम फिल्म ‘आजाद’ से बड़े पर्दे पर धमाकेदार एंट्री करने वाले थे। उनकी माँ विभा निगम बताती हैं कि निर्माता-निर्देशकों ने स्क्रिप्ट सुनाकर सिद्धार्थ को लीड रोल लगभग पक्का कर दिया था। परिवार ने इस मौके को करियर का बड़ा मोड़ माना और शूटिंग की तैयारियों में लग गया। लेकिन जब फ़िल्म की कास्ट का अंतिम ऐलान हुआ, तो पता चला कि अजय देवगन के भांजे अमन देवगन ने सिद्धार्थ की जगह ले ली है। माँ का कहना है, “हमने भरोसा किया था, पर आख़िरी पल में बदला हुआ निर्णय सामने आ गया।”

एक साल की तैयारी और इंतज़ार, फिर पोस्टर से पता चला सच
विभा निगम बताती हैं कि फ़िल्म के लिए सिद्धार्थ ने लगभग एक साल तक डेट्स रोकीं, फिज़िकल ट्रेनिंग की और किरदार में ढलने की मेहनत की। परिवार को पूरा यक़ीन था कि शूट जल्द शुरू होगी। दो साल बीत गए, तभी एक शाम बेटे ने सोशल मीडिया पर फ़िल्म का पोस्टर दिखाया—लीड रोल में अमन देवगन और रवीना टंडन की बेटी रासा थडानी। यह देख कर माँ स्तब्ध रह गईं। वह कहती हैं, “एक माँ होने के नाते यह पल बहुत तकलीफदेह था। हमें किसी ने पहले से सूचना देना भी ज़रूरी नहीं समझा।” सिद्धार्थ ने शांत रहते हुए माँ को समझाया कि फ़िल्म-इंडस्ट्री में ऐसे बदलाव सामान्य हैं, लेकिन माँ के लिए यह निजी चोट थी।

इंडस्ट्री में बाहरी कलाकारों की राह मुश्किल, माँ बोलीं—यह सिर्फ़ बिज़नेस
विभा निगम का मानना है कि नेपोटिज़्म यानी स्टार किड्स को तरजीह मिलना बाहरी कलाकारों के लिए बड़ी चुनौती है। उनका कहना है, “जब दो प्रतिभाशाली स्टार किड्स मौजूद हों, तो निर्माताओं के लिए उन्हें चुनना आसान फैसला बन जाता है। लेकिन इससे बाहर से आए कलाकारों की मेहनत दरकिनार हो जाती है।” उन्होंने माना कि फ़िल्म-निर्माण आखिरकार एक बिज़नेस है, जहाँ निवेशक सुरक्षित विकल्प चुनना चाहते हैं। फिर भी, वह चाहती हैं कि प्रतिभा और मेहनत को भी उतना ही महत्व मिले। माँ-बेटे ने अपनी निराशा को सीख में बदलने का फैसला किया है। सिद्धार्थ नई पटकथाएँ पढ़ रहे हैं और ओटीटी प्रोजेक्ट्स की तैयारी कर रहे हैं। माँ का संदेश साफ़ है—“रुकना नहीं, बेहतर मौक़े पर आगे बढ़ना ही असली जवाब है।”
