चिनाब ब्रिज और अंजी पुल राष्ट्र को समर्पित, विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का शानदार उदाहरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में दो ऐतिहासिक रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब ब्रिज और देश का पहला केबल-सपोर्टेड रेलवे ब्रिज अंजी पुल राष्ट्र को समर्पित किया। ये दोनों ब्रिज न केवल इंजीनियरिंग की दृष्टि से चमत्कारी हैं, बल्कि देश की रणनीतिक मजबूती और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। चिनाब ब्रिज समुद्र तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो एफिल टॉवर से भी ऊंचा है। यह पुल 8 रिक्टर स्केल तक के भूकंप और 260 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को भी सहन कर सकता है।
वंदे भारत ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, श्रीनगर से जम्मू की दूरी होगी तय सिर्फ 3 घंटे में
पीएम मोदी ने कटरा से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह हाई-स्पीड ट्रेन अब श्रीनगर और जम्मू के बीच की यात्रा को सिर्फ 3 घंटे में पूरा करेगी। इससे घाटी में रहने वाले लोगों को आधुनिक, तेज और सुविधाजनक परिवहन का लाभ मिलेगा। वंदे भारत ट्रेन न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोज़गार के नए अवसरों को भी जन्म देगी।
)
पीएम मोदी ने चिनाब ब्रिज का किया निरीक्षण, तिरंगा लेकर दिखा राष्ट्रीय गौरव
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने चिनाब ब्रिज का दौरा किया और वहां मौजूद इंजीनियरों और अधिकारियों से परियोजना की तकनीकी जटिलताओं पर चर्चा की। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में प्रधानमंत्री तिरंगा लेकर चिनाब ब्रिज पर चलते नजर आए, जो देश के लिए गौरव का क्षण था। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद रहे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर विशेष पुलिस बलों की तैनाती की गई थी।
46,000 करोड़ की विकास योजनाओं से जम्मू-कश्मीर को नई दिशा
यह दौरा पीएम मोदी का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद का पहला जम्मू-कश्मीर दौरा था, जिसमें उन्होंने लगभग 46,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन योजनाओं का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को देश की मुख्यधारा से जोड़ना और वहां के युवाओं को नए अवसर प्रदान करना है। बेहतर कनेक्टिविटी से न सिर्फ पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्र सामरिक दृष्टिकोण से भी और अधिक मजबूत होगा। यह पहल जम्मू-कश्मीर के भविष्य को एक नए विकास मार्ग पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
