गोवा में 10 करोड़ की ‘व्हेल की उल्टी’ जब्त, एम्बरग्रीस तस्करी के आरोप में तीन गिरफ्तार
कार से बरामद हुआ 5.75 किलो एम्बरग्रीस, इत्र उद्योग में होता है इस्तेमाल
गोवा पुलिस ने एक बड़ी तस्करी को नाकाम करते हुए 5.75 किलो एम्बरग्रीस (Ambergris) जब्त किया है, जिसे आम भाषा में ‘व्हेल की उल्टी’ कहा जाता है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह बरामदगी दक्षिण गोवा के संगुएम गांव में की गई, जहां गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक कार को रोका। जांच के दौरान उस कार से मोम जैसे दिखने वाला एक पदार्थ मिला, जिसे जब लैब में जांचा गया तो वह एम्बरग्रीस निकला।
पुलिस का कहना है कि यह दुर्लभ और महंगा पदार्थ इत्र और परफ्यूम उद्योग में इस्तेमाल होता है, क्योंकि इसकी खुशबू बेहद खास और टिकाऊ होती है। यह पदार्थ प्राकृतिक रूप से व्हेल के शरीर से निकलता है, लेकिन इसका संग्रह या व्यापार भारत में अवैध है।

क्या है एम्बरग्रीस और क्यों कहलाता है ‘फ्लोटिंग गोल्ड’?
एम्बरग्रीस एक खास प्रकार का ठोस और मोमी पदार्थ होता है, जो केवल स्पर्म व्हेल के शरीर में ही बनता है। वैज्ञानिक मानते हैं कि जब व्हेल कुछ ऐसा खा लेती है जो उसका शरीर पचा नहीं सकता, तो वह इस पदार्थ का निर्माण करती है ताकि वह अपचनीय चीज बाहर निकाल सके। यह पदार्थ समुद्र में बहता रहता है और कभी-कभी समुद्र तटों पर बहकर आ जाता है।
इसीलिए इसे ‘फ्लोटिंग गोल्ड’ यानी तैरता हुआ सोना कहा जाता है, क्योंकि यह बहुत ही दुर्लभ होता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग बहुत ज्यादा है। यह पदार्थ वर्षों तक समुद्र में रहने के बाद खुशबूदार हो जाता है, जो इसे इत्र उद्योग के लिए और भी कीमती बनाता है। अच्छी गुणवत्ता वाले एम्बरग्रीस की कीमत प्रति किलोग्राम 30 से 40 हजार डॉलर तक हो सकती है।
तीन तस्कर गिरफ्तार, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज
इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो — साईनाथ शेटे और रत्नकांत करापुरकर — गोवा के निवासी हैं, जबकि तीसरा आरोपी योगेश रेडकर महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले से है। इन तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि भारत में एम्बरग्रीस को संरक्षित प्रजातियों की सूची में शामिल किया गया है और इसका संग्रह, व्यापार या रखना गैरकानूनी है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी इस पदार्थ को तस्करी के लिए ले जा रहे थे और इसे विदेश भेजने की योजना थी। लेकिन समय रहते पुलिस को इसकी गुप्त जानकारी मिल गई और उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार को रोका और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह एम्बरग्रीस समुद्र से मिला या फिर अवैध तरीके से किसी अन्य माध्यम से प्राप्त किया गया।
