पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर है। इज़रायल और ईरान के बीच चल रही तनातनी अब युद्ध में बदलती नजर आ रही है।
लंबी जंग में इज़रायल की एयर डिफेंस पर बढ़ सकता है दबाव
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर है। इज़रायल और ईरान के बीच चल रही तनातनी अब युद्ध में बदलती नजर आ रही है। इज़रायल की एयर डिफेंस प्रणाली अब तक हमलों को रोकने में सफल रही है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ये जंग लंबी चली तो इज़रायल को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
इज़रायल की एयर डिफेंस प्रणाली है मजबूत, लेकिन सीमित
इज़रायल के पास दुनिया की सबसे उन्नत और बहुस्तरीय एयर डिफेंस प्रणाली मानी जाती है। लोग ज्यादातर सिर्फ “आयरन डोम” के बारे में जानते हैं, लेकिन इसके अलावा भी इज़रायल के पास कई रक्षा तंत्र हैं।
- Iron Dome छोटे रॉकेट और तोप के गोलों को रोकता है।
- David’s Sling मध्यम दूरी की मिसाइलों के खिलाफ तैनात है।
- Arrow-2 और Arrow-3 लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम हैं।
हर प्रणाली की खासियत है कि ये दुश्मन की मिसाइल या ड्रोन को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही हवा में खत्म कर देती है। लेकिन इसमें इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी खपत होती है जो बेहद महंगी और सीमित होती हैं।

ईरान का हथियारों का भंडार और थकाने की रणनीति
ईरान लगातार इज़रायल पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है। उसके पास हजारों की संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और ड्रोन हैं।
- बैलिस्टिक मिसाइलें तेज गति से सीधे लक्ष्य पर हमला करती हैं और इन्हें रोकना मुश्किल होता है।
- क्रूज मिसाइलें दिशा बदल सकती हैं, जिससे इनकी पहचान कठिन होती है।
- ड्रोन लंबे समय तक उड़ सकते हैं और रडार को चकमा देने में सक्षम होते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान अब तक करीब 1,000 मिसाइलें दाग चुका है और उसके पास अभी भी बड़ी मात्रा में हथियार मौजूद हैं। साथ ही वह नए मिसाइल तैयार करने की क्षमता भी रखता है।
इज़रायल को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है?
अगर ये लड़ाई लंबी चली, तो इज़रायल के सामने कई मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
- इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी: हर हमले को रोकने के लिए कई इंटरसेप्टर मिसाइलें लगती हैं, जिससे स्टॉक जल्दी खत्म हो सकता है।
- लंबी लड़ाई की थकावट: लगातार हमलों से सिस्टम पर दबाव बढ़ेगा और सुरक्षा चूक की संभावना भी बढ़ सकती है।
- संख्या बल का दबाव: ईरान एक साथ बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन भेजकर इज़रायल की डिफेंस सिस्टम को ओवरलोड करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
ईरान की वायु रक्षा भी सक्रिय, लेकिन कमजोर
ईरान के पास भी कुछ एयर डिफेंस सिस्टम हैं, जैसे रूसी S-300, लेकिन ये इज़रायल की प्रणाली जितने उन्नत नहीं हैं। हालांकि, ये इज़रायली जवाबी हमलों को कुछ हद तक रोकने की क्षमता रखते हैं। ईरान की वायु रक्षा प्रणाली सीमित जरूर है, लेकिन उसे पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
