अमेरिका ने ईरान की परमाणु साइट्स पर किया हवाई हमला
रविवार सुबह 4:30 बजे (भारतीय समय अनुसार) अमेरिका ने ईरान की तीन अहम परमाणु ठिकानों – फोर्डो, नतांज और एस्फाहान – पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिका का मकसद था ईरान की न्यूक्लियर एनरिचमेंट क्षमता को पूरी तरह खत्म करना।
नेतन्याहू ने अमेरिका की कार्रवाई को बताया निर्णायक कदम
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह हमला उस मिशन का अंतिम चरण है, जिसकी शुरुआत इज़रायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने 13 जून को की थी। उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु ताकत को खत्म करने का वादा अब पूरा हो चुका है।
ट्रंप और नेतन्याहू की गर्मजोशी से भरी बातचीत
हमले के तुरंत बाद नेतन्याहू ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन कर बधाई दी। नेतन्याहू ने ट्रंप को इज़रायल का “अद्वितीय मित्र” बताया और उनकी प्रशंसा की।
ट्रंप की चेतावनी – “या तो शांति होगी, या त्रासदी”
राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की परमाणु ताकत को खत्म करने के लिए और भी सटीक हमलों के लिए तैयार है। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अब उसे शांति की राह चुननी होगी।
