Bihar के Jamui जिले के सिकहरिया गांव में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां की रहने वाली आयुषी कुमारी ने अपने भतीजे सचिन दुबे के साथ मंदिर में शादी कर ली।
Bihar के Jamui में चाची-भतीजे की शादी से मचा बवाल
Bihar के Jamui जिले के सिकहरिया गांव में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां की रहने वाली आयुषी कुमारी ने अपने भतीजे सचिन दुबे के साथ मंदिर में शादी कर ली। हैरान करने वाली बात यह रही कि यह शादी उसके पहले पति विशाल दुबे की मौजूदगी में हुई। विशाल ने इस रिश्ते का खुलासा करते हुए बताया कि उसे धमकियों के चलते मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा।
पति का दावा – ‘जान बचाने के लिए करनी पड़ी शादी‘
पीड़ित पति विशाल दुबे का कहना है कि आयुषी और सचिन ने मिलकर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। विशाल ने कहा, “अगर मैं उनकी शादी नहीं कराता तो मुझे ड्रम में डालकर मार दिया जाता। मुझे अपनी जान बचानी थी इसलिए पीछे हट गया।” विशाल ने यह भी बताया कि उसने पहले ही आयुषी के बदलते व्यवहार को भांप लिया था और फ्लिपकार्ट की नौकरी छोड़कर गांव लौट आया ताकि उसे समझा सके। लेकिन सारी कोशिशें बेकार गईं।

Bihar की इस प्रेम कहानी की शुरुआत सोशल मीडिया से हुई
पटना के राजीव नगर की रहने वाली आयुषी की शादी 2021 में विशाल दुबे से हुई थी, जिससे उन्हें एक चार साल की बेटी भी है। करीब दो साल पहले उसकी मुलाकात सोशल मीडिया के माध्यम से अपने रिश्तेदार और भतीजे सचिन दुबे से हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और जल्द ही यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। परिवार को भनक लगे बिना दोनों ने मुलाकातें शुरू कीं। 15 जून को दोनों घर छोड़कर भाग गए और बाद में गांव लौटकर मंदिर में शादी कर ली।
पत्नी के आरोप और पति की विवशता – अलग-अलग दावे
जहां एक ओर विशाल दुबे अपनी मजबूरी और डर के बारे में बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आयुषी ने विशाल पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उसने कोर्ट में तलाक की अर्जी भी दाखिल की है और अपनी बेटी को विशाल के पास छोड़ दिया है। विशाल ने बताया कि उन्होंने एक साल तक आयुषी को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी। यहां तक कि उन्होंने थाने में शिकायत भी दी, लेकिन मामला समझौते में बदल गया और आयुषी फिर से घर आ गई। इसके बावजूद धमकियां जारी रहीं।
अब चाय की दुकान से बेटी और मां का जीवन संभाल रहे विशाल
घटना के बाद विशाल पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनका आयुषी के मायके वालों से कोई संपर्क नहीं है और वह अब अकेले ही अपनी बेटी और बीमार मां की देखभाल कर रहे हैं। समाज और गांव में इस रिश्ते को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं। विशाल ने कहा, “मैंने बहुत बार समझाया कि समाज क्या कहेगा, लेकिन वह नहीं मानी। अब मैं अपनी बेटी और परिवार को संभालने के लिए चाय की दुकान चला रहा हूं।”
