मोहन भागवत का बयान बना बहस का केंद्र, संजय राउत बोले- “ये संयोग नहीं संकेत है”
Modi के लिए संकेत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के 75 साल के उम्र सीमा पर दिए बयान ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “जब कोई आपको 75वें जन्मदिन की बधाई देता है, तो इसका मतलब होता है कि अब आपको रुक जाना चाहिए और दूसरों को काम करने देना चाहिए।” इस टिप्पणी को विपक्षी दलों ने सीधे तौर पर PM Modi के लिए संकेत बताया है।
शिवसेना नेता संजय राउत का तंज, कहा – PM Modi को दिया जा रहा स्पष्ट संदेश
शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने इस बयान को राजनीतिक संकेत करार दिया। उन्होंने कहा कि PM Modi ने खुद अडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और जसवंत सिंह जैसे नेताओं को 75 की उम्र पार करने पर सक्रिय राजनीति से बाहर कर दिया था। अब जब मोदी खुद इस उम्र के करीब हैं, तो सवाल है – क्या वे भी उसी परंपरा का पालन करेंगे?

भाजपा का इनकार, अमित शाह ने कहा – “2029 तक देश का नेतृत्व करेंगे PM Modi”
हालांकि भाजपा ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कहा था कि PM Modi 75 की उम्र के बाद भी राजनीति में सक्रिय रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा के संविधान में कोई वयोमर्यादा की बाध्यता नहीं है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि इंडिया गठबंधन इस तरह के बयान फैलाकर जनता को भ्रमित नहीं कर सकता।
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क्या BJP में उम्र की सीमा केवल दूसरों पर लागू होती है? उठने लगे सवाल
मोहन भागवत के बयान ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भाजपा में 75 की उम्र की सीमा सब पर समान रूप से लागू होती है या नहीं। वहीं संजय राउत का दावा है कि PM Modi ने मार्च 2025 में नागपुर जाकर RSS से अपने राजनीतिक भविष्य पर चर्चा की थी। इससे पहले 10 सालों में मोदी ने संघ मुख्यालय की कोई यात्रा नहीं की थी, जिससे इस दौरे को लेकर राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं।
