मशहूर म्यूजिक कंपोजर Amal Mallik ने अपने ब्रेकअप और निजी जिंदगी पर पहली बार खुलकर बात की है।
Amal Mallik ने पहली बार खोले अपने टूटे रिश्ते के राज
मशहूर म्यूजिक कंपोजर Amal Mallik ने अपने ब्रेकअप और निजी जिंदगी पर पहली बार खुलकर बात की है। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि 2014 से 2019 तक वह एक सीरियस रिलेशनशिप में थे, लेकिन उनका रिश्ता इसलिए नहीं चल सका क्योंकि उनकी प्रेमिका के माता-पिता उनके धर्म और करियर को स्वीकार नहीं कर पाए। अमाल का कहना है कि उनकी गर्लफ्रेंड उन्हें छोड़कर किसी और से शादी कर रही है, क्योंकि उसके परिवार को उनकी पहचान से दिक्कत थी।
धर्म और करियर को लेकर सामने आई सामाजिक सच्चाई
Amal Mallik ने बताया कि उनकी गर्लफ्रेंड के परिवार को सबसे बड़ी आपत्ति उनके धर्म और करियर से थी। अमाल के मुताबिक, लड़की के माता-पिता नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी किसी मुस्लिम और फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले शख्स से शादी करे। परिवार का यह नजरिया आज के दौर में भी समाज में मौजूद धार्मिक भेदभाव और फिल्म इंडस्ट्री के प्रति पूर्वग्रह को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि लड़की का परिवार “जाट” था और फिल्मी दुनिया में काम करने वाले लड़कों पर उन्हें विश्वास नहीं था।

Amal Mallik का दर्द बना संगीत की प्रेरणा
जब Amal Mallik फिल्म ‘Kabir Singh’ के लिए संगीत बना रहे थे, उसी दौरान उनका ब्रेकअप हुआ। उन्होंने बताया कि ब्रेकअप का फोन कॉल उस वक्त आया जब वह एक लाइव परफॉर्मेंस देने जा रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने उस दर्द को अपने म्यूजिक में ढाल दिया और सिर्फ 20 मिनट में 6 गाने कम्पोज़ कर दिए। हालांकि, इंडस्ट्री की पॉलिटिक्स के कारण सिर्फ एक गाना ही फिल्म में इस्तेमाल हो सका। निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने उनका साथ दिया और वह गाना फिल्म का हिस्सा बन पाया।
Amal Mallik की धर्म को लेकर खुली सोच
Amal Mallik ने कहा कि उनके पिता मुस्लिम और मां हिंदू ब्राह्मण (सारस्वत) हैं। वह जीवन में जब भी कठिन दौर से गुजरते हैं, तो माउंट मैरी चर्च जाते हैं। उन्होंने कहा, “मेरे अंदर इस्लाम का ‘आई’ भी नहीं है। मैं कर्म में विश्वास करता हूं, किसी धर्म से नहीं डरता और हर धर्म का सम्मान करता हूं।” उनका मानना है कि धर्म इंसान को बांटने का नहीं, जोड़ने का माध्यम होना चाहिए और किसी भी रिश्ते की नींव इस पर नहीं टिकनी चाहिए।
Amal Mallik ने कहा – जो साथ नहीं दे सके, उनसे दूर रहना बेहतर
अपने अनुभव को साझा करते हुए Amal ने बताया कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को आखिरी बार यही कहा – “अगर तुम्हारे पैरेंट्स मेरे धर्म और करियर को स्वीकार नहीं कर सकते, तो मैं तुम्हें शुभकामनाएं देता हूं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब उन्हें उस रिश्ते की कमी महसूस नहीं होती। Amal का मानना है कि जो लोग किसी के धर्म या पेशे के कारण साथ नहीं दे सकते, उनसे दूर रहना ही बेहतर है। उनका यह नजरिया आज के युवा वर्ग के लिए प्रेरणादायक बन सकता है।
