केदारनाथ यात्रा में बड़ा हादसा: रुद्रप्रयाग में भूस्खलन से दो श्रद्धालुओं की मौत, चार घायल
काकरागाड़ के पास भूस्खलन, तीर्थयात्रियों की गाड़ी पर गिरी चट्टान
उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर काकरागाड़ के पास शुक्रवार देर शाम अचानक हुए भूस्खलन से एक वाहन पर विशाल चट्टान गिर गई। यह वाहन केदारनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर जा रहा था, जिसमें सवार श्रद्धालुओं को गंभीर नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, लेकिन हादसा इतना भीषण था कि दो यात्रियों की जान नहीं बचाई जा सकी।
वाहन चालक समेत दो की मौत, चार गंभीर रूप से घायल
हादसे में वाहन चालक राजेश रावत (38) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य यात्री शैलेन्द्र कुमार को अस्पताल ले जाया जा रहा था, जहां उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसके अलावा वाहन में सवार चार अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को अगस्त्यमुनि के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है और इलाज जारी है। उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन खतरे से बाहर नहीं है।
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प्रशासन ने तीर्थयात्रियों को सतर्क रहने की दी सलाह
इस घटना के बाद जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले मौसम और सड़क की जानकारी जरूर लें। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की संभावना बनी रहती है, इसलिए बेहद सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकारी दिशानिर्देशों और अपडेट्स का पालन करें ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
पर्यटन सीजन में बढ़ रही दुर्घटनाएं, प्रशासन की चिंता बढ़ी
केदारनाथ यात्रा इन दिनों चरम पर है और भारी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं। लेकिन इसी दौरान लगातार हो रही भूस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। तीर्थयात्रा मार्गों पर कई जगहों पर ढीली मिट्टी और चट्टानों के गिरने का खतरा बना हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए और अधिक पुख्ता इंतजाम किए जाने की जरूरत है।
लोगों में बढ़ी चिंता, मौसम विभाग भी सतर्क
हादसे के बाद न सिर्फ तीर्थयात्रियों बल्कि स्थानीय निवासियों में भी डर का माहौल है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। इसीलिए लोगों से अपील की जा रही है कि यात्रा पर निकलने से पहले पूरी जानकारी लें और अनावश्यक जोखिम से बचें। रुद्रप्रयाग में हुए इस भूस्खलन ने एक बार फिर पर्वतीय इलाकों की संवेदनशीलता को उजागर किया है। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और ऐसे में जरूरी है कि हर व्यक्ति सतर्कता बरते और सरकारी सलाहों का पालन करे। प्रशासन भी अपनी ओर से पूरी तैयारी में जुटा हुआ है, लेकिन जनसहभागिता के बिना सुरक्षा सुनिश्चित करना संभव नहीं।
