कानपुर के चमनगंज इलाके के गांधी नगर में रविवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब एक पांच मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की जान चली गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनकी तीन बेटियां शामिल थीं। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को निकलने का मौका नहीं मिला। फायर ब्रिगेड की कड़ी मशक्कत के बाद करीब आठ घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पांचों के जले हुए शव बरामद किए जा सके।
जानकारी के अनुसार, इमारत की निचली मंजिल पर एक जूते का कारखाना था, जबकि ऊपर की मंजिलों पर लोग रहते थे। माना जा रहा है कि आग की शुरुआत शॉर्ट सर्किट से हुई, जो कारखाने से फैलकर ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की एक दर्जन से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। सेंट्रल कानपुर के एडीसीपी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मौके पर पुलिस, एसडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
रात आठ बजे शुरू हुआ राहत कार्य सुबह साढ़े पांच बजे तक जारी रहा। बचाव के दौरान कुछ लोगों को गंभीर रूप से झुलसी हालत में उर्सुला अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए प्रशासन को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा है।
यह घटना फिर एक बार यह सोचने पर मजबूर करती है कि रिहायशी इमारतों में फैक्ट्रियों का संचालन और बिजली व्यवस्था की अनदेखी कितनी जानलेवा हो सकती है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस मामले की गहन जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
