उम्र बढ़ने पर घुटनों का दर्द क्यों बढ़ता है, और इलाज के कौन-कौन से विकल्प हैं?
उम्र या वजन बढ़ने से घुटनों में दर्द होना आम है
जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है या शरीर पर जरूरत से ज्यादा बोझ पड़ता है, घुटनों में दर्द और अकड़न की परेशानी बढ़ने लगती है। पहले हल्का दर्द होता है, फिर धीरे-धीरे चलना-फिरना, उठना-बैठना, यहां तक कि सीढ़ियां चढ़ना भी मुश्किल हो जाता है। दवाइयां, एक्सरसाइज, तेल-मालिश जैसी चीजों से जब आराम नहीं मिलता, तब डॉक्टर घुटना ट्रांसप्लांट (Knee Replacement) की सलाह देते हैं।
कब कराना चाहिए घुटना ट्रांसप्लांट?
अगर नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से ट्रांसप्लांट पर विचार करें:
अर्थराइटिस की शिकायत: अगर आपको ऑस्टियोआर्थराइटिस या रूमेटॉयड आर्थराइटिस है और दवाइयों या थेरेपी से आराम नहीं मिल रहा है।
लगातार दर्द और सूजन: जब हर समय घुटने में सूजन और तेज दर्द बना रहता हो।
घुटना जाम होना: उठने-बैठने, चलने, या सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत हो रही हो।
जॉइंट डैमेज: X-ray या MRI में दिखे कि हड्डी घिस गई है या जॉइंट के बीच की जगह कम हो गई है।
घुटना ट्रांसप्लांट में कितना खर्च आता है?
यह सर्जरी का खर्च अस्पताल और शहर पर निर्भर करता है। नीचे कुछ सामान्य खर्च बताए गए हैं:
सरकारी अस्पताल:
एक घुटने की सर्जरी: ₹60,000 से ₹1 लाख
दोनों घुटनों की सर्जरी: ₹1.2 लाख से ₹2 लाख
मिड-रेंज प्राइवेट अस्पताल:
एक घुटना: ₹1.5 लाख से ₹2.5 लाख
दोनों घुटने: ₹3 लाख से ₹5 लाख
हाई-एंड कॉर्पोरेट हॉस्पिटल:
एक घुटना: ₹3 लाख से ₹5 लाख
दोनों घुटने: ₹6 लाख से ₹10 लाख
सर्जरी के बाद कितने दिन में आराम मिलता है?
अस्पताल में भर्ती: 3 से 5 दिन
वॉकर से चलना: सर्जरी के 7 से 10 दिन के अंदर
पूरी तरह से ठीक होना: लगभग 6 से 8 हफ्तों में
सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी बहुत जरूरी होती है। इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और मरीज जल्दी अपने सामान्य जीवन में लौट सकता है।
