दादा थे राजपूताना राइफल्स के कर्नल, पिता ने लड़ा 1971 का युद्ध
बॉलीवुड अभिनेत्री और पूर्व मिस इंडिया यूनिवर्स सेलिना जेटली का भारतीय सेना से गहरा जुड़ाव रहा है। वे एक आर्मी फैमिली से आती हैं। उनके दादा कर्नल एरिक फ्रांसिस राजपूताना राइफल्स में कार्यरत थे, जबकि उनके पिता कर्नल विक्रम कुमार जेटली कुमाऊं रेजिमेंट में थे। हाल ही में एक इंटरव्यू में सेलिना ने बताया कि उनके पिता ने 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध में वीरता से भाग लिया था और गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मात्र 21 वर्ष की उम्र में युद्ध के मैदान में डटे उनके पिता को गोली और छर्रे लगे, जिससे उनकी सुनने की क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई।
युद्ध के बाद भी निभाई देशसेवा, मिला सेना मेडल और वाउंड मेडल
सेलिना के अनुसार, युद्ध में घायल होने के बावजूद उनके पिता ने भारतीय सेना की सेवा जारी रखी और बाद में 16 कुमाऊं रेजिमेंट की कमान संभाली। देश के लिए उनके समर्पण को देखते हुए उन्हें दो वाउंड मेडल और एक सेना मेडल से सम्मानित किया गया। सेलिना ने गर्व से कहा कि ये वीरता और समर्पण ही उनकी पारिवारिक विरासत है, जिससे उन्हें हमेशा प्रेरणा मिलती है।
बचपन के स्कूल पर हुए हमले से टूटीं सेलिना, आंसू नहीं रोक पाईं
हाल ही में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल पर पाकिस्तान द्वारा किए गए हमले की खबर से सेलिना जेटली भावुक हो गईं। इस स्कूल में सेलिना ने खुद भी अपनी पढ़ाई की है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “जब मैंने सुना कि मेरे बचपन के स्कूल पर हमला हुआ है, तो मेरी आंखों में आंसू आ गए। यह बहुत पर्सनल था, बहुत दर्दनाक। मेरी यादों और भावनाओं से जुड़ा था वह स्कूल।”
ऑपरेशन सिंदूर के बाद गहराया तनाव, उठीं भावनाएं
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पर तनाव के माहौल में यह हमला हुआ, जिससे पूरे देश में आक्रोश की लहर दौड़ गई। इस दौरान कई शहरों में अटैक हुए, जिनमें उधमपुर भी शामिल था। सेलिना ने कहा कि जब भी ऐसे हमले होते हैं, तो उन्हें अपने पिता की वीरता और बलिदान याद आ जाते हैं।
सेलिना जेटली ने यह संदेश दिया कि सैनिकों के परिवारों के लिए देशभक्ति केवल भावना नहीं, बल्कि जीवन की सच्चाई है। उनका अनुभव बताता है कि सेना से जुड़े परिवारों का हर सदस्य देश के लिए बलिदान के लिए तैयार रहता है।
