वॉरविक यूनिवर्सिटी की 60वीं सालगिरह, ममता मरासिनी रहीं केंद्र में
दिल्ली में हुआ खास मीडिया कार्यक्रम
1 जून 2025 को यूनिवर्सिटी ऑफ़ वॉरविक ने अपनी 60वीं वर्षगांठ के मौके पर नई दिल्ली के होटल शांगरी-ला में एक खास मीडिया कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के ज़रिए यूनिवर्सिटी ने अपनी छह दशकों की शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध में योगदान, नवाचार और वैश्विक असर को दर्शाया।
वॉरविक के अधिकारी पहुँचे भारत, मीडिया से की बातचीत
कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के दो वरिष्ठ अधिकारी—अजय टेली (ग्लोबल चीफ कम्युनिकेशंस, मार्केटिंग एंड कंटेंट ऑफिसर) और सतनाम राणा-ग्रिंडले (डायरेक्टर ऑफ कम्युनिकेशंस – कॉरपोरेट ब्रांड)—विशेष रूप से यूके से भारत आए थे। उन्होंने भारतीय मीडिया से मुलाकात की और यूनिवर्सिटी के भारत से जुड़े सहयोगों को और मज़बूत करने पर बात की।
भारत से साझेदारी और पूर्व छात्रों की सफलता पर ज़ोर
कार्यक्रम में वॉरविक यूनिवर्सिटी ने भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच शिक्षा और शोध के रिश्तों को रेखांकित किया। इसमें टाटा समूह के साथ पिछले 25 वर्षों की साझेदारी का विशेष उल्लेख किया गया। साथ ही, भारत में पढ़े वॉरविक के पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को भी सराहा गया, जो आज अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम कर रहे हैं।

ममता मरासिनी की प्रेरक कहानी
वॉरविक बिजनेस स्कूल की पूर्व छात्रा ममता मरासिनी इस आयोजन की प्रमुख आकर्षण रहीं। उन्होंने एमएससी इन बिजनेस विद मार्केटिंग की पढ़ाई की थी। पढ़ाई के बाद उन्होंने ‘Roar Corp’ नाम से अपनी खुद की क्रिएटिव एजेंसी शुरू की, जो नई दिल्ली और काठमांडू से संचालित होती है।
Roar Corp: जुनून से बनी एक ब्रांड एजेंसी
नवंबर 2023 में शुरू हुई Roar Corp एक ऐसी एजेंसी है जो ब्रांड कंसल्टिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग, इवेंट प्रोडक्शन और इन्फ्लुएंसर कैंपेन जैसी सेवाएं देती है। कम समय में इस एजेंसी ने कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स जैसे Superdry, G Star Raw, Yamaha और Mothercare के लिए काम किया है।
ममता को उनकी टीम ‘चीफ लायनेस’ कहकर बुलाती है। वे कहती हैं, “Roar सिर्फ एक बिजनेस नहीं है, ये मेरे दिल और मेहनत से बना है। हम हर क्लाइंट के लिए पूरी प्लानिंग और क्रिएटिव सोच के साथ काम करते हैं।”
AI तकनीक और मानवीय सोच का मेल
Roar Corp आज के डिजिटल दौर में AI जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल करता है, लेकिन इंसानी सोच को साथ लेकर। उनका मकसद है ऐसे कैंपेन बनाना जो लंबे समय तक असर छोड़ें और लोगों से जुड़ सकें।
वॉरविक से मिला आत्मविश्वास बना आधार
ममता कहती हैं, “जब मैंने वॉरविक जॉइन किया था, तब मुझे नहीं पता था कि मैं क्या करना चाहती हूँ। लेकिन वहां की पढ़ाई और माहौल ने मुझे आत्मविश्वास दिया। उसी आत्मविश्वास से मैंने अपनी खुद की एजेंसी शुरू की।”
उनके अनुसार, वॉरविक ने उन्हें यह समझने में मदद की कि वे क्यों और क्या करना चाहती हैं। “मैं गर्व से कह सकती हूं कि मैं वॉरविक की एलुमनाई हूं,” उन्होंने कहा।
मार्केटिंग को दिया एक नया नजरिया
आज ममता और उनकी टीम मानती हैं कि मार्केटिंग सिर्फ प्रमोशन नहीं, बल्कि इंसानों को जोड़ने और समाज को प्रभावित करने का एक जरिया है। Roar का लक्ष्य है—हर ब्रांड की सबसे अच्छी दोस्त बनना, और वो भी पूरे जोश के साथ।
यह आयोजन सिर्फ यूनिवर्सिटी के इतिहास का जश्न नहीं था, बल्कि एक ऐसे भविष्य की झलक भी था जहां शिक्षा, नवाचार और इंसानी सोच मिलकर कुछ नया रचते हैं।
