संतों की जगह रिंग में दिखते हैं रेसलर(pic source// twitter)
संतों की जगह रिंग में दिखते हैं रेसलर
7 अप्रैल 2025
इंग्लैंड के शिप्ले शहर में स्थित सेंट पीटर्स एंगलिकन चर्च को अब ‘रेसलिंग चर्च’ के नाम से जाना जाता है। इस चर्च की खासियत है कि यहां हर महीने प्रोफेशनल रेसलिंग मैच आयोजित किए जाते हैं। दर्शक यहां न सिर्फ प्रार्थना करते हैं बल्कि जबड़े तोड़ती पहलवानों की लड़ाई का भी भरपूर आनंद उठाते हैं।

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धर्म और ड्रामा का अनोखा संगम
चर्च के संस्थापक 37 वर्षीय गैरेथ थॉम्पसन का मानना है कि रेसलिंग और यीशु मसीह ने उनकी जिंदगी बदल दी, इसलिए उन्होंने दोनों को एक मंच पर लाने का फैसला किया। उनका कहना है कि रेसलिंग के जरिए वे अच्छाई और बुराई के बीच संघर्ष को जीवंत रूप में पेश करते हैं। सभी मुकाबले स्क्रिप्टेड होते हैं, लेकिन संदेश गहरा होता है – बुराई पर अच्छाई की जीत।
चर्च में फिर से लौटी भीड़
थॉम्पसन की यह पहल चर्चों से दूर होते लोगों को वापस लाने में कारगर साबित हो रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूके में चर्च जाने वालों की संख्या घट रही है, पर इस अनोखे आयोजन ने चर्च में फिर से भीड़ जुटा दी है। हाल ही में हुए एक आयोजन में लगभग 200 लोग पहुंचे, जिन्होंने पहले प्रार्थना की और फिर दो घंटे तक रेसलिंग का रोमांच देखा। इस पहल ने चर्च को एक नए रूप में लोगों के सामने पेश किया है।
