भारत का बड़ा कूटनीतिक कदम: ऑपरेशन सिंदूर पर दुनिया को जागरूक करने 33 देशों का दौरा करेगा प्रतिनिधिमंडल
नई दिल्ली, 20 मई। पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद और हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ दुनिया का समर्थन जुटाने के लिए भारत एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान के तहत भारत का एक प्रतिनिधिमंडल 23 मई से 3 जून, 2025 तक 33 देशों का दौरा करेगा।
इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और अनुभवी राजनयिक शामिल होंगे। वे इन देशों के सांसदों, सरकारी अधिकारियों, थिंक टैंक, मीडिया और आम नागरिकों से मिलकर “ऑपरेशन सिंदूर” की जानकारी साझा करेंगे और बताएंगे कि कैसे पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है।
किन देशों का दौरा होगा?
विदेश मंत्रालय ने इस मिशन के लिए सात अलग-अलग टीमें बनाई हैं, जो अलग-अलग देशों का दौरा करेंगी। ये टीमें अमेरिका, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन, जापान, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, मिस्र, दक्षिण कोरिया, ब्राजील, पनामा, जर्मनी, इंडोनेशिया जैसे देशों में जाएंगी।
साथ ही, इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के कुछ सदस्य देश जैसे कतर, बहरीन, मलयेशिया और इंडोनेशिया भी दौरे में शामिल हैं।
किन देशों को सूची से बाहर रखा गया?
भारत ने उन देशों को इस दौरे में शामिल नहीं किया है जो पाकिस्तान को खुला या छिपा समर्थन देते हैं। इसमें चीन, तुर्की और अजरबैजान जैसे देश शामिल हैं। विदेश मंत्रालय का मानना है कि इन देशों को भारत की बात समझाने का कोई लाभ नहीं होगा क्योंकि उन्होंने पहले भी भारत के दृष्टिकोण की अनदेखी की है।
UNSC देशों पर खास ध्यान
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देशों में से भारत चीन और पाकिस्तान को छोड़कर बाकी सभी देशों का दौरा करेगा। इसमें अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे स्थायी सदस्य और अल्जीरिया, डेनमार्क, सिएरा लियोन, पनामा, स्लोवेनिया, ग्रीस जैसे अस्थायी सदस्य शामिल हैं।
भारत का उद्देश्य
इस दौरे का मकसद सिर्फ पाकिस्तान के आतंकवाद को उजागर करना नहीं है, बल्कि यह भी दिखाना है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर जैसे ठोस कदम उठाकर आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। भारत चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी बात को गंभीरता से लिया जाए और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन मिले।
