ठाणे के कल्याण में चार मंजिला इमारत का स्लैब गिरा, कई लोग मलबे में दबे
मुंबई, 21 मई। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण इलाके में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हुआ। मंगलराघो नगर में स्थित एक चार मंजिला इमारत सप्तशृंगी की दूसरी मंजिल का स्लैब अचानक गिर गया। यह स्लैब नीचे तक गिरते हुए इमारत की निचली मंजिलों को भी चपेट में ले गया, जिससे वहां रह रहे लोग मलबे में दब गए।
इस दुखद हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें तीन महिलाएं और एक डेढ़ साल की बच्ची शामिल हैं। इसके अलावा तीन अन्य लोगों को मलबे से गंभीर रूप से घायल अवस्था में बाहर निकाला गया है और उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन को आशंका है कि अभी भी करीब 10 लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
हादसे की जानकारी मिलते ही दोपहर करीब 2:55 बजे जिला आपदा प्रबंधन सेल और थाने डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। फिलहाल जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है और राहत टीमें लगातार काम कर रही हैं।

पुरानी और कमजोर इमारत बनी हादसे की वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि सप्तशृंगी नामक यह इमारत काफी पुरानी थी और इसकी हालत बहुत खराब थी। कई बार मरम्मत की जरूरत महसूस की गई, लेकिन समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। यही लापरवाही अब इस बड़े हादसे की वजह बन गई।
मौसम बना चुनौती
इस बीच मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे राहत कार्यों में मुश्किलें आ सकती हैं। बचाव दल किसी भी तरह की बाधा के बावजूद अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटा हुआ है।
राज्य में बार-बार हो रहे ऐसे हादसे
यह हादसा महाराष्ट्र में इस साल इमारत गिरने की पहली घटना नहीं है। इससे पहले जुलाई 2024 में दो बड़े हादसे सामने आए थे।
- 27 जुलाई को नवी मुंबई के बेलापुर में एक चार मंजिला इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हुई थी।
- 20 जुलाई को मुंबई के ग्रांट रोड इलाके में एमएचएडीए की इमारत का स्लैब गिरने से एक महिला की मौत हुई थी।
2018 से 2022 तक कई जाने गईं
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2018 से 2022 के बीच महाराष्ट्र में इमारत गिरने की कई घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। इनमें अधिकतर मामले पुरानी, जर्जर और अवैध रूप से बनी इमारतों के थे। खराब निर्माण सामग्री, नियमित जांच और मरम्मत की कमी इस तरह की घटनाओं का मुख्य कारण बनती हैं।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और इमारत की हालत की अनदेखी के लिए जिम्मेदार लोगों की जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने भी वादा किया है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
