एस एस स्नेहा ने एशियन चैंपियनशिप में जीता रजत पदक, HRDS INDIA अकैडमी को दिलाया पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, टोक्यो विश्व चैंपियनशिप के लिए भी हुआ चयन
एस एस स्नेहा ने एशियन चैंपियनशिप में जीता रजत, HRDS INDIA को दिलाया पहला अंतरराष्ट्रीय पदक
नई दिल्ली / केरल – 31 मई 2025
HRDS INDIA स्पोर्ट्स अकैडमी की होनहार एथलीट एस एस स्नेहा ने इतिहास रचते हुए दक्षिण कोरिया में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में 4×100 मीटर रिले रेस में रजत पदक जीतकर भारत और अपनी अकैडमी दोनों का नाम रोशन किया है। यह HRDS INDIA के इतिहास का पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है, जिसने अकैडमी की मेहनत और प्रशिक्षण प्रणाली को वैश्विक मान्यता दिलाई है।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ स्नेहा ने जापान के टोक्यो में होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। यह उनकी अब तक की खेल यात्रा का एक और गौरवपूर्ण अध्याय है।
स्नेहा की सफलता: मेहनत और लगन का परिणाम
स्नेहा की इस सफलता के पीछे उनका समर्पण, अनुशासन और वर्षों की मेहनत है। वह HRDS INDIA की उन चुनिंदा प्रतिभाओं में से हैं, जिन्हें सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद अकैडमी ने पहचानकर प्रशिक्षित किया। भारतीय रिले टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
अकैडमी की पहली अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि
यह रजत पदक HRDS INDIA स्पोर्ट्स अकैडमी के लिए मील का पत्थर है। अकैडमी के संस्थापक सचिव की दूरदर्शिता और नेतृत्व में, संस्था ने पिछड़े और आदिवासी इलाकों से आने वाले युवा खिलाड़ियों को मौका दिया है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया है।
2036 ओलंपिक की दिशा में एक कदम
HRDS INDIA का उद्देश्य भारत को 2036 ओलंपिक में पदक दिलाने लायक मजबूत एथलीट तैयार करना है। स्नेहा की उपलब्धि इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जो यह साबित करती है कि यदि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो वह वैश्विक स्तर पर भी चमक सकती है।
संस्थापक सचिव का संदेश
इस उपलब्धि पर HRDS INDIA के संस्थापक सचिव ने कहा:
“यह रजत पदक केवल व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि हमारी उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके तहत हम देश के हर कोने से प्रतिभा को तलाशकर उन्हें विश्व स्तर की ट्रेनिंग दे रहे हैं। स्नेहा की यह जीत लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है।”
भविष्य की तैयारी
टोक्यो में होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए स्नेहा की तैयारी जोरों पर है। HRDS INDIA अकैडमी अब उन्हें और अन्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और मार्गदर्शन देने के लिए प्रयासरत है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा सकें।
HRDS INDIA परिवार — कोच, स्टाफ, प्रशिक्षक और समर्थक — स्नेहा को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए दिल से बधाई देता है। उनकी यात्रा इस बात का प्रमाण है कि समर्पण और सही समर्थन से कोई भी सपना साकार हो सकता है।
