AAP विधायक नरेश बालियान को कोर्ट से नहीं मिली राहत, हिरासत 5 जुलाई तक बढ़ी
मकोका मामले में कोर्ट ने बढ़ाई न्यायिक हिरासत
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक नरेश बालियान की न्यायिक हिरासत को बढ़ाते हुए उन्हें 5 जुलाई 2025 तक जेल में रखने का आदेश दिया है। मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत दर्ज गंभीर आपराधिक मामले की मंगलवार को सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर कोई राहत नहीं दी। अगली सुनवाई भी अब 5 जुलाई को तय की गई है, जिस दिन आरोप तय करने (चार्ज फ्रेम) की प्रक्रिया शुरू होगी।
संगठित आपराधिक गिरोह चलाने का आरोप, चार्जशीट में गंभीर दावे
दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत में पेश की गई चार्जशीट में दावा किया गया है कि नरेश बालियान एक संगठित आपराधिक गिरोह का हिस्सा हैं, जो हथियारों की तस्करी, जबरन वसूली और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त रहा है। पुलिस का आरोप है कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से अपराध करके आर्थिक लाभ अर्जित करता था। पुलिस ने यह भी बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपी विकास गहलोत की भूमिका की जांच को और आगे बढ़ाने के निर्देश कोर्ट ने दिए हैं। माना जा रहा है कि उसके खिलाफ और पुख्ता सबूत जुटाने की जरूरत है।
बचाव पक्ष का दावा: राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया
वहीं दूसरी ओर, नरेश बालियान और उनके समर्थकों का कहना है कि उन्हें इस केस में झूठा फंसाया गया है और यह पूरा मामला एक राजनीतिक साजिश है। उनका दावा है कि जांच एजेंसियां दबाव में काम कर रही हैं और बिना ठोस सबूत के उन्हें आरोपित किया गया है। हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) की तरफ से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
