हिंदी सिनेमा में जब भी सुपरस्टारडम की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है Rajesh Khanna का। 70 के दशक में Rajesh Khanna का जादू इस कदर छाया हुआ था
Rajesh Khanna का स्टारडम – जब कहा गया “ऊपर आका, नीचे काका”
हिंदी सिनेमा में जब भी सुपरस्टारडम की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है Rajesh Khanna का। 70 के दशक में Rajesh Khanna का जादू इस कदर छाया हुआ था कि लोग उन्हें भगवान जैसा मानने लगे थे। उनकी फैन फॉलोइंग इतनी जबरदस्त थी कि लड़कियां उनका नाम अपने खून से लिखती थीं, शादी करने के सपने देखती थीं और उनकी झलक पाने के लिए घंटों इंतज़ार करती थीं।
साल 1969 से 1972 के बीच Rajesh Khanna ने लगातार 17 सुपरहिट फिल्में देकर एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो आज तक अटूट है। ये रिकॉर्ड आज भी इंडस्ट्री में एक मिसाल के तौर पर देखा जाता है। ‘Aradhana’, ‘Do Raaste’, ‘Bandhan’, ‘Doli’, ‘Safar’, ‘Anand’, ‘Haathi Mere Saathi’, ‘Amar Prem’ जैसी फिल्मों ने उन्हें न केवल बॉलीवुड का पहला सुपरस्टार बनाया, बल्कि लाखों-करोड़ों दिलों का राजा भी।
17 हिट फिल्मों का सुनहरा दौर
Rajesh Khanna की फिल्मी यात्रा की शुरुआत 1966 में फिल्म ‘Aakhri Khat’ से हुई थी, लेकिन असली पहचान उन्हें 1969 में आई फिल्म ‘Aradhana’ से मिली। इसके बाद उन्होंने जो सफर शुरू किया वो लगातार कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ता गया। 1969 से 1972 तक की अवधि Rajesh Khanna के करियर का स्वर्णिम दौर रहा, जहां उन्होंने एक के बाद एक 17 हिट फिल्में दीं।
इस दौर में उनके हर डायलॉग, हर अंदाज़ और हर मुस्कान पर लोग दीवाने हो जाते थे। वह ऐसे अभिनेता थे जिनकी मौजूदगी ही फिल्म की सफलता की गारंटी मानी जाती थी। Rajesh Khanna हिंदी सिनेमा के पहले ऐसे स्टार बने जिनके पीछे पब्लिक दीवानी थी।
जब सुपरस्टार की चमक हुई फीकी – 7 लगातार फ्लॉप फिल्में
Rajesh Khanna के करियर का बुरा दौर 1976 से शुरू हुआ। इसी साल रिलीज हुई फिल्म ‘Mehbooba’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई और यहीं से उनकी गिरावट की शुरुआत हुई। इसके बाद उनकी फिल्मों का जो सिलसिला चला, वो सात लगातार फ्लॉप फिल्मों का बन गया।

‘Bundal Baaz’, ‘Anurodh’, ‘Tyag’, ‘Chhaila Babu’, ‘Karm’ और ‘Chalta Purza’ जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। इन सभी फिल्मों ने Rajesh Khanna के करियर को बुरी तरह प्रभावित किया। एक समय जो स्टारडम उनके सिर चढ़कर बोल रहा था, वही अब डगमगाने लगा था। उनके पास फिल्में तो थीं लेकिन वो दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच पाने में नाकाम रहीं।
फिर कभी न लौटी पहले जैसी लोकप्रियता
हालांकि, Rajesh Khanna ने इसके बाद भी कुछ हिट फिल्में दीं और एक सफल अभिनेता के रूप में बने रहे, लेकिन जो लोकप्रियता उन्हें Aradhana से लेकर Anand तक मिली थी, वह फिर कभी लौट नहीं सकी। इंडस्ट्री में नए सितारे उभरने लगे और Rajesh Khanna धीरे-धीरे पीछे छूटने लगे।
उनका करियर एक मिसाल है – कैसे जबरदस्त बुलंदियों को छूने वाला अभिनेता परिस्थितियों के चलते धीरे-धीरे हाशिए पर चला जाता है। इसके पीछे उनके निजी जीवन की उथल-पुथल, गलत फिल्म चयन और बदलती फिल्मी प्राथमिकताएं भी कारण बने। फिर भी आज भी Rajesh Khanna को उनकी फिल्मों, अदायगी और उनकी सुपरस्टार छवि के लिए याद किया जाता है।
