वेब सीरीज़ Panchayat के नए सीज़न ने जहां कई चर्चाओं को जन्म दिया है, वहीं दर्शकों का ध्यान खींचा है एक खास किरदार — 'रिंकी', जिसे निभा रही हैं
Sanvika: इंजीनियरिंग से एक्टिंग तक का प्रेरणादायक सफर
वेब सीरीज़ Panchayat के नए सीज़न ने जहां कई चर्चाओं को जन्म दिया है, वहीं दर्शकों का ध्यान खींचा है एक खास किरदार — ‘रिंकी’, जिसे निभा रही हैं Sanvika। असल नाम पूजा सिंह होने के बावजूद Sanvika ने इंडस्ट्री में अपना एक अलग नाम और पहचान बनाई है।
Sanvika का जन्म और पालन-पोषण मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ। उन्होंने एक आम भारतीय परिवार की तरह इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी शुरू की। लेकिन उनका मन टेक्नोलॉजी की बजाय Acting की दुनिया में ज्यादा लगता था।
इसी जुनून ने उन्हें मुंबई की ओर मोड़ दिया। बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के, बिना फैमिली को बताए उन्होंने एक्टिंग का सफर शुरू किया। आज उसी जोखिम ने उन्हें पहचान दी है और ‘रिंकी’ के रूप में उन्हें देशभर में सराहा जा रहा है।
‘Phulera’ से असली रिश्ता: Sanvika की जड़ें जुड़ी हैं पंचायत की ज़मीन से
Panchayat वेब सीरीज़ की कहानी एक काल्पनिक गांव फुलेरा पर आधारित है, जो असल में मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के महोड़िया गांव में शूट होती है। संयोग देखिए कि Sanvika भी मध्य प्रदेश की ही हैं, और उनका असली घर भी फुलेरा के पास ही है।
यानी उनका इस किरदार और स्थान से नाता केवल स्क्रीन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जड़ों से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि वे इस रोल में इतनी स्वाभाविक और प्रभावशाली नज़र आती हैं। उनके बोलने का अंदाज़, हाव-भाव और संवाद अदायगी में ग्रामीण पृष्ठभूमि की झलक साफ दिखाई देती है।

‘Panchayat’ से पहचान, लेकिन संघर्ष रहा लंबा
Sanvika ने एक्टिंग में करियर बनाने से पहले कई विज्ञापन और छोटे रोल किए। उन्होंने ‘लगन लीला भार्गव’, ‘हजामत’ जैसी कुछ अन्य वेब सीरीज़ में भी काम किया, लेकिन उन्हें असली पहचान Panchayat में ‘रिंकी’ का किरदार निभाकर मिली।
पहले सीज़न में उनकी झलक भर दिखाई दी थी, लेकिन चौथे सीज़न में उन्हें ज़्यादा स्क्रीन टाइम मिला और उन्होंने मौके का भरपूर फायदा उठाया। दर्शकों ने उनके किरदार को न केवल पसंद किया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी रिंकी को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गईं।
Sanvika के अभिनय में जो सहजता है, वह उनके समर्पण और मेहनत का नतीजा है। उन्होंने अपने दम पर इंडस्ट्री में पहचान बनाई और आज वो लाखों दिलों की धड़कन बन चुकी हैं।
एक्टिंग बनी जुनून, सपनों को मिली मंज़िल
Sanvika ने एक बार अपने इंटरव्यू में कहा था,
“मैंने इंजीनियरिंग इसलिए की क्योंकि सब कर रहे थे, लेकिन एक्टिंग मेरे दिल की आवाज़ थी।”
उनके इस निर्णय ने उन्हें एक नई दुनिया में पहुंचा दिया। जहां एक तरफ वे ऑफिस की कुर्सी पर बैठकर कोडिंग कर सकती थीं, वहीं अब वे कैमरे के सामने खड़ी होकर भावनाओं की गहराई बुन रही हैं।
Acting के लिए उनका यह जुनून ही था जिसने उन्हें जबलपुर से मुंबई तक खींच लाया। शुरुआत में आर्थिक कठिनाइयां और अकेलापन रहा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आज उनकी मेहनत रंग लाई है और वे साबित कर चुकी हैं कि अगर दिल से चाहो तो कोई भी सपना पूरा हो सकता है।
