बिहार की सियासत इन दिनों एक नए विवाद से गर्माई हुई है। कांग्रेस द्वारा Sanitary Pad पर Rahul Gandhi की तस्वीर लगाकर वितरण किए जाने की योजना ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
Sanitary Pad पर Rahul Gandhi की तस्वीर से राजनीति में भूचाल
बिहार की सियासत इन दिनों एक नए विवाद से गर्माई हुई है। कांग्रेस द्वारा Sanitary Pad पर Rahul Gandhi की तस्वीर लगाकर वितरण किए जाने की योजना ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। हाजीपुर (वैशाली) पहुंचे केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan ने इसे भारतीय संस्कृति और मर्यादा के खिलाफ बताया।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, “हम भारतीय संस्कारों को मानने वाले लोग हैं। प्रचार के लिए सैनिटरी पैड जैसी चीज़ों पर तस्वीर लगाना हमारी संस्कृति के खिलाफ है। यह बेहद शर्मनाक है और मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।”
चिराग ने इस योजना को “राजनीतिक स्टंट” करार दिया और कहा कि यह प्रचार का बेहद असहज और अविवेकपूर्ण तरीका है, जिससे समाज में गलत संदेश जाता है।

“हम पूरी तरह वेस्टर्नाइज नहीं हुए हैं”, बोले चिराग पासवान
Chirag Paswan ने जोर देकर कहा कि भारत आज भी अपने पारंपरिक मूल्यों और संस्कृति में विश्वास करता है। उन्होंने कहा, “हम इतने भी समझदार नहीं हैं कि पैड पर अपनी तस्वीर लगाना उचित समझें। यह सोच से परे है। भारत की जनता इस तरह के प्रचार को स्वीकार नहीं करेगी।”
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उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य और मासिक धर्म जैसे विषयों पर बात करनी है तो उसे संवेदनशीलता और जागरूकता के साथ किया जाना चाहिए, न कि राजनैतिक लाभ के लिए। चिराग के मुताबिक, यह विषय व्यक्तिगत और सामाजिक गरिमा से जुड़ा है, जिसे वोट बटोरने के साधन के रूप में इस्तेमाल करना अशोभनीय है।
इस बयान के साथ चिराग ने स्पष्ट संदेश दे दिया कि वह इस तरह की राजनीति को देश की संस्कृति और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ मानते हैं।
“राहुल गांधी की तस्वीर शर्मनाक प्रचार का प्रतीक” – चिराग का हमला जारी
चिराग पासवान ने Rahul Gandhi पर सीधा हमला करते हुए कहा कि “कांग्रेस जैसी पुरानी पार्टी से ऐसी उम्मीद नहीं थी। आपने अपनी तस्वीर Sanitary Pad पर लगाकर यह सिद्ध कर दिया कि आपके पास जनसेवा का कोई ठोस विजन नहीं है, सिर्फ प्रचार और पब्लिसिटी का मोह है।”
उन्होंने यह भी कहा कि आज तक उन्होंने किसी भी प्रोडक्ट या ब्रांड के प्रचार में ऐसा तरीका नहीं देखा। “सैनिटरी पैड जैसे विषय पर प्रचार करने का यह तरीका बिल्कुल गलत है। यह महिलाओं की निजता और सामाजिक चेतना का अपमान है।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस की तरफ से इस योजना को महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकारों के लिए एक क्रांतिकारी पहल बताया जा रहा था, लेकिन अब यह विवाद का विषय बन चुका है।
भाषा विवाद पर भी बोले चिराग: “हर भाषा भारत की खूबसूरती है”
Chirag Paswan ने महाराष्ट्र के ठाणे में हाल ही में वायरल हुए वीडियो पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें एक दुकानदार से Marathi भाषा में बात न करने पर कथित रूप से मारपीट की गई थी। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम भारतीय अब भाषा, जाति और क्षेत्र के आधार पर बंटते जा रहे हैं।”
चिराग ने कहा कि देश की हर भाषा, चाहे वह हिंदी हो, मराठी हो या तमिल – भारत की विविधता की पहचान है। उन्होंने संवेदनशीलता की अपील करते हुए कहा कि, “मातृभाषा का सम्मान होना चाहिए, लेकिन अगर कोई बाहरी व्यक्ति भाषा नहीं समझता तो उसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी सांस्कृतिक विविधता में है, और हमें इसे बनाए रखने की जरूरत है न कि विभाजन बढ़ाने की।
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