Bihar की राजनीति एक बार फिर Poster Politics की चपेट में है। एनडीए गठबंधन में साथ होने के बावजूद Modi और Nitish Kumar की जोड़ी प्रचार पोस्टरों में अलग-अलग रास्ते पर चलती नजर आ रही है।
एक मंच पर मोदी-नीतीश, लेकिन पोस्टरों में सियासी फासला
Bihar की राजनीति एक बार फिर Poster Politics की चपेट में है। एनडीए गठबंधन में साथ होने के बावजूद Modi और Nitish Kumar की जोड़ी प्रचार पोस्टरों में अलग-अलग रास्ते पर चलती नजर आ रही है। जहां एक ओर बीजेपी ने अपने पोस्टर में प्रधानमंत्री मोदी की छवि को ‘विकास पुरुष’ के तौर पर प्रोजेक्ट किया है, वहीं दूसरी ओर जेडीयू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को महिला सशक्तिकरण के चैंपियन के रूप में प्रस्तुत किया है।
इस चुनावी मौसम में गठबंधन की एकता का प्रतीक बनना था पोस्टर, लेकिन संदेशों की विविधता ने साफ कर दिया है कि दोनों दल वोट बैंक को साधने के लिए अलग-अलग रणनीति अपना रहे हैं।
जेडीयू और बीजेपी की रणनीति में दिख रहा साफ अंतर
Bihar में जारी पोस्टर वॉर में दोनों दलों की रणनीति स्पष्ट रूप से अलग नजर आ रही है। बीजेपी के पोस्टर का नारा है: “सोच दमदार, काम असरदार, फिर से एनडीए सरकार”, जो केंद्र की नीतियों और Modi के नेतृत्व पर केंद्रित है। इसमें विकास, राष्ट्रवाद और डबल इंजन सरकार का उल्लेख प्रमुख रूप से किया गया है।
इसके विपरीत, जेडीयू का फोकस महिला मतदाताओं पर है। उनका स्लोगन – “महिलाओं की जय-जयकार, फिर से एनडीए सरकार” – नीतीश कुमार की योजनाओं और सामाजिक न्याय मॉडल को प्रमुखता देता है। यानी एक ओर भाजपा भविष्य की ओर देख रही है, तो दूसरी ओर जेडीयू अतीत की उपलब्धियों को दोहराने की कोशिश कर रही है।
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अलग-अलग चुनाव चिह्न, अलग-अलग संदेश – गठबंधन की उलझन
हालांकि Modi और Nitish एक ही पोस्टर में साथ नजर आ रहे हैं, लेकिन चिह्नों की भिन्नता ने गठबंधन की ‘एकता’ पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीजेपी के पोस्टर में जहां ‘कमल’ छाया हुआ है, वहीं जेडीयू ने अपने ‘तीर’ को प्रमुखता से प्रदर्शित किया है।
यह साफ करता है कि दोनों दलों का मकसद सिर्फ एनडीए की जीत नहीं, बल्कि अपने-अपने संगठन और पहचान को भी मजबूत बनाए रखना है। ये Poster Politics इस बात का इशारा करती है कि गठबंधन की राजनीति में भी निजी महत्वाकांक्षाएं कम नहीं हैं।

प्रशांत किशोर की भविष्यवाणी और विरोधाभासी प्रचार
Bihar की राजनीति में हलचल उस वक्त और तेज हो गई जब जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने भविष्यवाणी की कि अगला विधानसभा चुनाव जेडीयू के लिए बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर जेडीयू को 25 से अधिक सीटें मिलती हैं, तो वे राजनीति छोड़ देंगे।
बीजेपी का प्रचार पोस्टर अप्रत्यक्ष रूप से उनकी इस भविष्यवाणी को समर्थन देता दिख रहा है, जो ‘मजबूत नेतृत्व’ की जरूरत को उजागर करता है। वहीं जेडीयू का पोस्टर इस भविष्यवाणी को सीधा चुनौती देता है, और Nitish कुमार के चेहरे के दम पर महिला शक्ति और सामाजिक कल्याण की उपलब्धियों को उजागर करता है।
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