ब्रेकिंग न्यूज़: डॉ. के.ए. पॉल ने पीएम मोदी से की अपील – "राम मोहन नायडू से इस्तीफा लें, भारत की छवि दांव पर है"
“अनुभवहीन मंत्री के कारण देश की छवि खतरे में — डॉ. के.ए. पॉल ने राम मोहन नायडू को हटाने की रखी मांग”
नई दिल्ली, 14 जून 2025
दिल्ली के ए.पी. भवन में आज हुई एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस में मशहूर अंतरराष्ट्रीय शांति कार्यकर्ता और मानवतावादी डॉ. के.ए. पॉल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को तुरंत उनके पद से हटाया जाए। डॉ. पॉल ने इसके पीछे 17 कारण बताए और कहा कि मंत्री के पास इस क्षेत्र का कोई अनुभव नहीं है।
उन्होंने हाल ही में हुई एयर इंडिया फ्लाइट 171 की दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इस हादसे में लगभग 300 लोगों की जान चली गई, जिससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को बड़ा नुकसान हुआ है।

डॉ. पॉल ने सवाल उठाया कि एक 37 साल का युवा, जिसे विमानन क्षेत्र का कोई अनुभव नहीं है, उसे इतने बड़े और महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी क्यों दी गई? उन्होंने खुद के अनुभव का हवाला देते हुए बताया कि वे 1991 से निजी विमान का संचालन कर रहे हैं और उन्हें अच्छी जानकारी है कि यह क्षेत्र कितना जटिल होता है।
उन्होंने कहा, “मैं राम मोहन नायडू के इस्तीफे की मांग करता हूं। यह हादसा भारत के लिए सिर्फ एक त्रासदी नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी का कारण भी बना है।”
डॉ. पॉल ने यह भी बताया कि हादसे में 169 भारतीय नागरिकों के अलावा 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, 1 कनाडाई नागरिक और कई मेडिकल छात्र भी मारे गए। उन्होंने कहा कि जब इतनी बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक इस हादसे का शिकार हुए हैं, तो भारत की साख और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े होते हैं।
सिर्फ देश के अंदरूनी मुद्दों पर ही नहीं, डॉ. पॉल ने इस मौके पर इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यह टकराव बढ़ता है, तो यह पूरी दुनिया के लिए खतरा बन सकता है।
उन्होंने इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से अपील की कि वे ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला बंद करें, और ईरान से भी अनुरोध किया कि वह प्रतिक्रिया देने की बजाय शांति का रास्ता अपनाए।
डॉ. पॉल ने कहा, “अब तक 56 युद्धों में करोड़ों लोग मारे जा चुके हैं और खरबों डॉलर की संपत्ति नष्ट हुई है। हमें अब और युद्ध नहीं चाहिए।”
डॉ. पॉल ने यह भी बताया कि वे पहले ईरान के राज्य अतिथि रह चुके हैं और वहां मानवता के लिए कई सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह टकराव बढ़ा, तो इसका असर सिर्फ इन दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर विनाश ला सकता है।
उन्होंने अंत में प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि इस दुखद समय में सही निर्णय लें और भारत की प्रतिष्ठा को बचाएं।
