IMC गया को पर्यावरणीय स्वीकृति — बिहार की पहली एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप की ओर निर्णायक कदम
IMC गया को पर्यावरणीय स्वीकृति — बिहार की पहली एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप की ओर निर्णायक कदम
गया, बिहार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) परियोजना को भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) से 18 मार्च, 2025 को पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति बिहार को औद्योगिक विकास की नई दिशा में अग्रसर करते हुए, प्रदेश की पहली एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप के विकास का मार्ग प्रशस्त करती है।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं:
- विकास क्षेत्रफल: 1,700 एकड़ में फैली यह आधुनिक टाउनशिप उद्योग, वाणिज्य, आवासीय और सार्वजनिक उपयोग हेतु संतुलित ज़मीन आवंटन पर आधारित होगी।
- योजनाबद्ध संरचना: यह टाउनशिप राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और जलमार्ग नेटवर्क से रणनीतिक रूप से जुड़ी होगी।
- प्लग-एंड-प्ले मॉडल: पूर्ण रूप से विकसित औद्योगिक भूखंड, आवश्यक यूटिलिटी सेवाएं और लॉजिस्टिक सपोर्ट के साथ।
- सतत और समेकित विकास: मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी एवं भूखंड स्तर पर टिकाऊ योजना का समावेश।
- निवेश एवं रोजगार: अनुमानित ₹16,000 करोड़ के निवेश की संभावना, जिससे लगभग 1,10,000 रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
- स्थानीय सशक्तिकरण: यह क्लस्टर ‘काउंटर मैग्नेट सिटी’ के रूप में कार्य करेगा, जिससे क्षेत्रीय पलायन में कमी आएगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक अवसर बढ़ेंगे।
प्रमुख बुनियादी ढांचा विकास (SPV: BIMCGL द्वारा):
परियोजना को बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) नामक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा:
- कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP)
- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP)
- वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP)
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली (SWM)
- लॉजिस्टिक्स सुविधाएं
- आंतरिक सड़कें, जल निकासी व्यवस्था
- प्रशासनिक भवन एवं एकीकृत कमांड सेंटर
इसके अतिरिक्त, औद्योगिक विकास का कार्य चरणबद्ध एवं क्षेत्रवार तरीके से किया जाएगा। परियोजना का 33% क्षेत्र हरित पट्टी के रूप में संरक्षित रहेगा, जिससे पर्यावरणीय संतुलन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
नीतिगत समर्थन एवं त्वरित कार्यान्वयन:
यह स्वीकृति केवल 7 महीनों में ‘इंडस्ट्रियल एरिया’ श्रेणी के अंतर्गत प्राप्त की गई है, जिससे आगामी औद्योगिक इकाइयों को पृथक जनसुनवाई की आवश्यकता नहीं होगी। इससे राज्य स्तरीय अनुमोदन प्रक्रियाएं सरल होंगी और निवेशकों को समय एवं संसाधनों की बचत होगी।
संस्थागत सहभागिता एवं निरीक्षण:
हाल ही में जल भंडारण स्थल एवं पाइपलाइन मार्ग का संयुक्त निरीक्षण किया गया। इसका उद्देश्य जल स्रोत की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित करना और उसे क्लस्टर योजना में समाहित करना था। इस निरीक्षण में NICDC, BIADA, जल संसाधन विभाग, NIH रुड़की, वन विभाग एवं गया जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल हुए। यह दौरा पूर्व में किए गए बाह्य संपर्क मूल्यांकन का अनुसरण था और परियोजना के समेकित एवं समन्वित विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार एवं उद्योग मंत्री श्री नीतीश मिश्रा के नेतृत्व में यह पहल राज्य में उद्योग, नवाचार और सतत शहरी विकास को नया आयाम प्रदान करेगी। यह परियोजना न केवल पूर्वी भारत के औद्योगिक मानचित्र पर गया को स्थापित करेगी, बल्कि बिहार को रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी अग्रणी बनाएगी।
