संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता Pakistan को मिलने के साथ ही भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर उसे कड़ा जवाब दिया है।
UNSC की अध्यक्षता संभालते ही Pakistan पर भारत का हमला, आतंकवाद को लेकर किया बेनकाब
आतंकवाद के मुद्दे पर UNSC में भारत की सख्त चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता Pakistan को मिलने के साथ ही भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर उसे कड़ा जवाब दिया है। भारत ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का हवाला देते हुए Pakistan पर सीमा पार से आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप दोहराया। इस आतंकी घटना के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ नामक सैन्य अभियान शुरू किया है, जो आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कार्रवाई मानी जा रही है।
भारत के इस रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भले ही Pakistan को UNSC में अध्यक्षता मिली हो, लेकिन वह वैश्विक स्तर पर अपनी आतंकवाद समर्थक छवि से बच नहीं सकता। भारत ने सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि आतंक के वास्तविक स्रोतों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
न्यूयॉर्क में लगी प्रदर्शनी से Pakistan की पोल खोलने की कोशिश
भारत ने UNSC के बाहर ‘The Human Cost of Terrorism’ नामक एक खास प्रदर्शनी का आयोजन कर Pakistan की भूमिका को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर किया। इस प्रदर्शनी में भारत में हुए प्रमुख आतंकी हमलों के अलावा, 9/11 जैसे वैश्विक आतंकवादी घटनाओं में भी Pakistan के लिंक को दर्शाया गया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान कहा, “यह प्रदर्शनी सिर्फ पीड़ितों की याद में नहीं है, बल्कि यह उन आतंकवादी नेटवर्क को बेनकाब करने का प्रयास है, जिनका समर्थन कुछ खास देशों से मिलता है।”
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की ज़िम्मेदारी है।
China के साथ Pakistan की नजदीकी और भारत के लिए खतरे की आशंका
UNSC की अध्यक्षता के दौरान Pakistan को परिषद की बैठकों के एजेंडे तय करने, बहस आयोजित करने और सत्र बुलाने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि Pakistan अपने पुराने सहयोगी China के साथ मिलकर भारत विरोधी एजेंडा चलाने की कोशिश कर सकता है, खासकर कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर।
संयुक्त राष्ट्र में Pakistan के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद परिषद की अधिकतर बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। इसके साथ ही उप प्रधानमंत्री मोहम्मद इशाक डार भी इन बैठकों में भाग ले सकते हैं। भारत की कूटनीतिक रणनीति अब इस ओर केंद्रित है कि किसी भी मंच पर Pakistan और China की जुगलबंदी से भारत के हितों को नुकसान न हो।

अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर पक्षपातपूर्ण रुख के लिए घिरता गया Pakistan
हाल ही में ईरान पर हुए हमले और इजरायल-हमास संघर्ष जैसे वैश्विक मुद्दों पर Pakistan का रुख एकतरफा और पक्षपातपूर्ण रहा है। Pakistan ने Russia और China के साथ मिलकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ मसौदा प्रस्ताव लाने की कोशिश की थी, लेकिन अमेरिकी वीटो के चलते वह प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।
इसी तरह Israel-Hamas संघर्ष में भी Pakistan ने खुलकर फिलिस्तीन का समर्थन किया और उसे बार-बार कश्मीर मुद्दे से जोड़ने की कोशिश की। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने Pakistan के इन प्रयासों को खास समर्थन नहीं दिया। इससे उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भारत का मानना है कि Pakistan, संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों का दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर सकता है। लेकिन भारत अब हर मंच पर तैयार है और उसकी निगाहें Pakistan की हर गतिविधि पर टिकी हैं।
