ईरान और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।
इजरायल ने ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों को बनाया निशाना
ईरान और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। बीते शुक्रवार को इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों पर बड़ा हमला किया। इन हमलों में छह शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या कर दी गई।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मारे गए वैज्ञानिकों में दो बड़े नाम मोहम्मद मेहदी तेहरानची और फरेदून अब्बासी शामिल हैं, जो लंबे समय से ईरान के परमाणु प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा थे।
फखरीजादेह की हत्या की फिर याद ताज़ा हुई
इस ताज़ा हमले ने 2020 की उस चौंकाने वाली घटना की याद फिर ताज़ा कर दी है, जब इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने ईरान के परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फखरीजादेह की हत्या की थी।
फखरीजादेह को ईरान का “न्यूक्लियर दिमाग” कहा जाता था। वो इतने गुप्त जीवन में रहते थे कि उनकी तस्वीरें भी सार्वजनिक रूप से नहीं मिलती थीं।
इजरायल का मानना है कि वो ईरान के “प्रोजेक्ट अमद” नामक गुप्त परमाणु कार्यक्रम के मुख्य संचालक थे।

हाईटेक तकनीक से की गई थी फखरीजादेह की हत्या
27 नवंबर 2020 को फखरीजादेह को बेहद अद्भुत तकनीक से मारा गया था। वो अपनी पत्नी के साथ कार से जा रहे थे, तभी रास्ते में खड़े एक लावारिस ट्रक से AI-सक्षम मशीनगन से हमला किया गया।
सैटेलाइट से नियंत्रित इस मशीनगन ने 15 गोलियां चलाईं, जिनमें तीन उनकी रीढ़ पर लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
इसके बाद ट्रक में विस्फोट कर दिया गया ताकि कोई सबूत न बचे। ईरान ने इस ऑपरेशन के लिए सीधे तौर पर मोसाद को जिम्मेदार ठहराया था।
ईरान की चेतावनी – “हम बदला लेंगे”
फखरीजादेह की मौत के बाद ईरान में राष्ट्रीय शोक मनाया गया था। उन्हें पूरे सम्मान के साथ दफन किया गया और ईरान के नेताओं ने बदला लेने की कसम खाई थी।
अब जब फिर वैज्ञानिक मारे गए हैं, माना जा रहा है कि ईरान कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है। इससे पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ सकते हैं।
विश्लेषण: इजरायल का साफ संदेश – परमाणु हथियार नहीं चलेंगे
विशेषज्ञों का मानना है कि ये हमला सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं बल्कि एक रणनीतिक संदेश है। इजरायल साफ कर रहा है कि वह किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा।
इस घटनाक्रम से ये भी साफ है कि मध्य पूर्व में शांति की राह और मुश्किल होती जा रही है। अगले कुछ दिन इस तनाव को लेकर बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
