पिता की मौत के बाद मां के साथ रहना चाहता था कर्मचारी, IT Company ने कहा- ‘धर्म-कर्म निपटा लो और आगे बढ़ो‘
एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर IT Company से जुड़ा अपना अनुभव साझा किया, जिसमें उसने बताया कि IT Company हाल ही में उसके पिता की मौत हुई और वह इस दुखद समय में घर पर अपनी मां के साथ रहना चाहता था। कर्मचारी ने बताया कि वह एक IT Company में काम करता है और पिछले दो महीने से क्लाइंट लोकेशन पर हाइब्रिड मोड में कार्यरत था। अपने पिता के निधन के बाद उसने पांच दिन की छुट्टी ली और फिर एक सप्ताह का वर्क फ्रॉम होम (WFH) मांगा, ताकि वह अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक क्रियाओं में सम्मिलित हो सके। इसके साथ ही, वह अपनी मां को भी मानसिक सहारा देना चाहता था जो अब अकेली रह गई हैं।
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कर्मचारी का खुलासा – Company ने कहा ‘धर्म-कर्म निपटा लो और आगे बढ़ो‘, WFH की नहीं दी अनुमति
रेडिट पोस्ट के अनुसार, कर्मचारी ने जब क्लाइंट मैनेजर से एक महीने का अतिरिक्त WFH मांगा, तो Company ने स्पष्ट रूप से इनकार नहीं किया, लेकिन इशारों में ऑफिस लौटने को कहा। उसने बताया कि IT Company की ओर से जवाब मिला, “धर्म-कर्म निपटा लो और आगे बढ़ने का प्लान बनाओ।” इस कथन से कर्मचारी काफी आहत हुआ और उसने इसे अनदेखा कर देने वाली मानसिकता बताया। उसकी भावनाओं को समझने और साथ खड़े होने के बजाय, Company के इस व्यवहार ने उसे और भी अधिक मानसिक तनाव में डाल दिया।

पेरोल मैनेजर ने भी नहीं किया सहयोग, कहा- खुद बात करो क्लाइंट से
कर्मचारी ने अपनी IT Company के पेरोल मैनेजर को पहले ही सारी स्थिति से अवगत करा दिया था। मैनेजर ने वादा किया था कि वह क्लाइंट मैनेजर से बात करेगा, लेकिन बाद में उसने अपना रुख बदल लिया और कर्मचारी से खुद ही क्लाइंट से बात करने को कहा। इस स्थिति ने कर्मचारी को और भी असहाय महसूस कराया। उसने पोस्ट में लिखा कि वह अब सोचने पर मजबूर हो गया है कि क्या पिता की मौत के कुछ दिन बाद ही ऑफिस लौट जाना ही सामान्य है? क्या उसे अपनी मां और परिवार को छोड़कर काम के लिए तैयार हो जाना चाहिए, जब वह स्वयं शोक में डूबा है?
सोशल मीडिया पर लोगों ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, IT कंपनियों की संवेदनहीनता पर उठाए सवाल
यूजर के इस पोस्ट के वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने उसकी पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी और IT कंपनियों की संवेदनहीनता पर सवाल उठाए। कई यूजर्स ने कहा कि आजकल कॉर्पोरेट दुनिया में कर्मचारियों की भावनाओं और व्यक्तिगत जीवन की कोई कद्र नहीं रही है। कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि ऐसे समय में जब एक इंसान अपने जीवन की सबसे बड़ी क्षति से गुजर रहा हो, उसे मानसिक और भावनात्मक सपोर्ट की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। लेकिन कंपनियों द्वारा ऐसा रवैया अपनाया जाना बेहद असंवेदनशील है।
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कर्मचारी को सलाह दी कि वह HR से औपचारिक रूप से संपर्क करें, ईमेल में सारे तथ्य स्पष्ट करें और मानसिक स्वास्थ्य के आधार पर छुट्टी मांगे। वहीं कुछ ने Company बदलने तक की सलाह दी।
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