बीएमसी की तैयारी तेज़, कमजोर इमारतों से लोगों को हटाया गया
बीएमसी की तैयारी तेज़, कमजोर इमारतों से लोगों को हटाया गया
मुंबई में इस साल मानसून ने 12 दिन पहले ही दस्तक दे दी है, जिससे शहर में भारी बारिश हो रही है। मानसून की इस जल्दी आमद से मुंबई और आसपास के इलाकों में जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और पालघर जैसे तटीय इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट जारी किया है।
बारिश के कारण शहर की कई सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे यातायात ठप हो गया है और लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और गाड़ियाँ घंटों जाम में फंसी रहीं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और बारिश होने की संभावना जताई है।
तटीय इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों को समुद्र के किनारे जाने से मना किया है और कहा है कि जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।
बीएमसी ने की बड़ी तैयारी
मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बारिश से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। शहर में जलभराव की पुरानी समस्या को देखते हुए नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों की मरम्मत और कंट्रोल रूम को एक्टिव किया गया है। बीएमसी ने बताया कि 24×7 वॉर रूम चालू कर दिया गया है, जहां से स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
बीएमसी ने कमजोर और खतरनाक इमारतों की पहचान कर उनमें रहने वाले करीब 3100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है। इसके साथ ही स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक इमारतों का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य भी तेज़ कर दिया गया है।

यातायात सेवाओं पर नजर
मुंबई की लोकल ट्रेनें और बस सेवाएं शहर की लाइफलाइन मानी जाती हैं। बीएमसी और रेलवे विभाग लगातार इन सेवाओं पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी रुकावट का तुरंत समाधान किया जा सके। कहीं जलभराव या तकनीकी दिक्कत होने पर तुरंत जानकारी लेकर सुधार किया जा रहा है।
नागरिकों से अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान वे जलभराव वाले इलाकों में न जाएं और जरूरत न हो तो घर से बाहर न निकलें। किसी भी आपात स्थिति में नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें।
मुंबई में मानसून की यह तेज शुरुआत एक चेतावनी है कि आने वाले दिनों में और सतर्कता बरतने की ज़रूरत होगी। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और नागरिकों से सहयोग की उम्मीद कर रहा है
