People’s Forum of India, जो 1952 में संसद द्वारा अधिनियमित एक सार्वजनिक सेवा संस्था है और जिसकी स्थापना भारत के पूर्व राष्ट्रपति महामहिम गुलजारीलाल नंदा के मार्गदर्शन में हुई थी
संगठनात्मक ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव
People’s Forum of India, जो 1952 में संसद द्वारा अधिनियमित एक सार्वजनिक सेवा संस्था है और जिसकी स्थापना भारत के पूर्व राष्ट्रपति महामहिम गुलजारीलाल नंदा के मार्गदर्शन में हुई थी, ने अपने संगठनात्मक ढांचे में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा प्रशासनिक पुनर्गठन किया है। यह बदलाव 12 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के माध्यम से घोषित किया गया।
People’s Forum of India के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस. मणिमोझ्यान ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह संस्था हमेशा भारतीय लोकतंत्र और नागरिकों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि हम देश के सबसे मजबूत स्तंभ यानी मीडिया के समक्ष इस नवगठित संरचना को साझा कर रहे हैं।”

तीन चरणों में होगा प्रशासनिक पुनर्गठन
डॉ. मणिमोझ्यान ने बताया कि People’s Forum of India ने 11 जुलाई 2025 से अपने समस्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रशासनिक ढांचे को भंग कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य है — कल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावशाली ढंग से आम जनता तक पहुँचाना।
नई संगठनात्मक संरचना को तीन चरणों में लागू किया जाएगा:
- पहला चरण – राष्ट्रीय पदाधिकारियों और राज्य अध्यक्षों की नियुक्ति
- दूसरा चरण – राज्य पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति
- तीसरा चरण – जिला और तालुका स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्ति
संस्था ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में जारी सभी पहचान पत्र अब अमान्य होंगे। केवल नव-नियुक्त पदाधिकारियों को ही बारकोड युक्त सुरक्षित ID कार्ड और आधिकारिक नियुक्ति प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे।

प्रमुख नियुक्तियों में Dr. Bhargav Mallappa को अहम जिम्मेदारी
इस बड़े प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत कई महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ की गई हैं। इनमें सबसे अहम नाम है – Dr. Bhargav Mallappa, जिन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मुख्यालय प्रशासन एवं संगठन प्रभारी नियुक्त किया गया है।
डॉ. मल्लप्पा को देश और विदेश में सार्वजनिक सेवा में उनके योगदान के लिए व्यापक रूप से सराहा गया है। अब वे पूरे भारत में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और संगठन के नए रूपांतरण में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे।
अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ निम्न हैं:
- डॉ. एस. सेल्वगणेश – राष्ट्रीय सलाहकार समिति प्रभारी उपाध्यक्ष
- डॉ. मायलारास्वामी – दक्षिण भारत प्रभारी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- श्री बी.पी. सुरेश – राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
- श्री बी.के. परंथमन – तमिलनाडु राज्य अध्यक्ष, जो राज्य और जिला स्तर के पदाधिकारियों की सूची तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे
राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान 15 जुलाई से
डॉ. मणिमोझ्यान ने प्रेस वार्ता के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व में जारी ID कार्ड अब मान्य नहीं हैं और उनका कोई उपयोग नहीं किया जा सकता। किसी भी प्रकार से संस्था की पहचान या नाम का दुरुपयोग अब कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि 15 जुलाई 2025 से एक राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत पूर्व स्वयंसेवकों के साथ-साथ नए नागरिकों को भी इस नई संगठनात्मक संरचना के अंतर्गत आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा।
प्रेस वार्ता का समापन करते हुए उन्होंने कहा, “People’s Forum of India नागरिकों और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाता रहा है और आगे भी निभाता रहेगा। हमारा उद्देश्य है कि भारत के लोकतंत्र को निचले स्तर तक सशक्त किया जाए और सरकार की हर योजना अपने सही लाभार्थी तक पहुंचे।”
