रोमांटिक क्राइम ड्रामा ‘रसवती’ को मिला इंटरनेशनल पहचान का तोहफा
तमिल भाषा की रोमांटिक क्राइम ड्रामा फिल्म ‘रसवती‘ ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया है। इस फिल्म को फ्रांस के नाइस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025 में पांच श्रेणियों में नामांकित किया गया है। यह फिल्म अब अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के नक्शे पर एक चर्चित नाम बन गई है।
अर्जुन दास की एक्टिंग को मिला भरपूर प्यार, निभाया डॉक्टर का किरदार
फिल्म के मुख्य अभिनेता अर्जुन दास ने इसमें डॉ. सदाशिव पांडियन की भूमिका निभाई है, जो न केवल क्रिटिक्स बल्कि दर्शकों के बीच भी काफी लोकप्रिय हो गई है। उनके शानदार अभिनय को पहले भी सराहा गया है और अब यह रोल उन्हें इंटरनेशनल अवॉर्ड्स की दौड़ में ले आया है। अर्जुन दास के साथ तान्या रविचंद्रन भी लीड रोल में हैं।
पहले भी जीत चुकी है कई पुरस्कार, अर्जुन को मिला बेस्ट एक्टर अवॉर्ड
‘रसवती’ इससे पहले भी कई फिल्म फेस्टिवलों में भारत का नाम ऊंचा कर चुकी है। दादा साहब फाल्के फिल्म फेस्टिवल 2024 में अर्जुन दास को इस फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा न्यू जर्सी भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2024 में भी उन्हें बेस्ट एक्टर का खिताब मिला था। फिल्म को लंदन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025 में सर्वश्रेष्ठ साउंड डिजाइन का पुरस्कार भी मिला, जिससे इसके तकनीकी पक्ष को भी पहचान मिली।
डायरेक्टर संतकुमार और टीम ने जताई खुशी, सोशल मीडिया पर शेयर की उपलब्धि
फिल्म के निर्देशक संतकुमार ने इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की। उन्होंने लिखा, “फ्रांस में हमारी फिल्म को जो मान्यता मिली है, वह गर्व की बात है। हमारी फिल्म को पांच इंटरनेशनल कैटेगरीज में नामांकित किया गया है।”
फिल्म की टीम और तकनीकी पक्ष
‘रसवती’ में अर्जुन दास और तान्या रविचंद्रन के अलावा सुजीत शंकर, राम्या सुब्रमण्यम, जीएम सुंदर, रेशमा वेंकटेश, सुजाता और ऋषिकांत जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं।
फिल्म का संगीत दिया है मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर एसएस थमन ने, जो निर्देशक संतकुमार के साथ यह तीसरी फिल्म कर रहे हैं। सिनेमैटोग्राफी का जिम्मा सरवनन इलावरसु और शिवकुमार ने संभाला है, जबकि वी जे साबू जोसेफ ने फिल्म का संपादन किया है। डांस कोरियोग्राफर सतीश कृष्णन हैं, जिन्होंने फिल्म के गानों में जान डाल दी है।
‘रसवती’ की यह अंतरराष्ट्रीय पहचान यह साबित करती है कि भारतीय सिनेमा सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं, बल्कि उसकी कहानियों और कला को दुनियाभर में सराहा जा रहा है। यह फिल्म भारतीय फिल्मों की रचनात्मकता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
