एशिया में बढ़ते कोविड मामलों के बीच भारत सतर्क, केंद्र ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
दक्षिण-पूर्वी एशिया में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच भारत में भी संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। खासकर सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में अचानक केसों में आई तेजी के बाद भारत सरकार ने एहतियात के तौर पर तैयारियां तेज़ कर दी हैं। हालांकि फिलहाल भारत में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन केंद्र सरकार किसी भी संभावित लहर से पहले तैयार रहना चाहती है।
केंद्र ने बुलाई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड की स्थिति पर समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC), इमरजेंसी मेडिकल रिलीफ डिवीजन, डिजास्टर मैनेजमेंट सेल, ICMR, और देश के प्रमुख सरकारी अस्पतालों के विशेषज्ञ शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि 19 मई 2025 तक देश में कुल 257 सक्रिय कोविड-19 मामले हैं। इनमें से अधिकतर मरीजों की हालत सामान्य है और उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन सरकार सतर्क है।
एक हफ्ते में सामने आए 164 नए मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 12 मई से लेकर अब तक भारत में कोविड-19 के 164 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले केरल से सामने आए हैं। राज्यवार आंकड़े इस प्रकार हैं:
- केरल : 69
- महाराष्ट्र : 44
- तमिलनाडु : 34
- *कर्नाटक : 8
- गुजरात : 6
- दिल्ली : 3
- हरियाणा, राजस्थान, सिक्किम : 1-1 मामला
अब तक भारत में 4 करोड़ 45 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं, जबकि इससे 5 लाख 33 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
JN.1 वेरिएंट बना नई चिंता का कारण
भारत और कई दूसरे देशों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के पीछे JN.1 वेरिएंट को जिम्मेदार माना जा रहा है। यह ओमिक्रॉन के BA.2.86 वेरिएंट का नया रूप है, जिसमें करीब 30 बदलाव (म्यूटेशन) पाए गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इसमें LF.7 और NB.1.8 जैसे कुछ म्यूटेशन ऐसे हैं जो ज्यादा खतरनाक माने जा रहे हैं, क्योंकि इनसे संक्रमण बहुत तेजी से फैल सकता है।
एशियाई देशों में बिगड़ रहे हालात
सिंगापुर में हालात तेजी से खराब हुए हैं। वहां 27 अप्रैल से 3 मई के बीच 14,200 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। वहीं, हांगकांग में मई के महीने में अब तक 31 लोगों की हालत गंभीर हो चुकी है।जो पिछले 12 महीनों में सबसे ज्यादा हैं। हांगकांग के अधिकारियों का कहना है कि हर 6 से 9 महीने में कोविड की एक नई लहर आ रही है और निकट भविष्य में सुधार की संभावना कम है।
सरकार की अपील: घबराएं नहीं, सतर्क रहें
भारत सरकार ने जनता से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनें, भीड़भाड़ से बचें, नियमित रूप से हाथ धोएं और कोविड टीकाकरण अपडेट रखें।
सरकार सभी राज्यों से कहा है कि टेस्टिंग, ट्रैकिंग और हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा करें ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
फिलहाल देश में खतरा बहुत अधिक नहीं है, लेकिन पड़ोसी देशों की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहना ही सबसे बेहतर उपाय है।
