अब आतंक और परमाणु धमकियों से डरने का समय खत्म: CDS अनिल चौहान का पाकिस्तान को कड़ा संदेश
भारत अब चुप नहीं बैठेगा, आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान को साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि भारत अब आतंकवाद और परमाणु धमकियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि भारत की सहनशीलता की भी एक सीमा है और अब अगर पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देगा, तो उसे कड़े जवाब के लिए तैयार रहना चाहिए।
जनरल चौहान पुणे में ‘भविष्य के युद्ध और युद्धनीति’ विषय पर आयोजित एक व्याख्यान में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए दुनिया को यह दिखा दिया है कि अब वह आतंक के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने में पीछे नहीं हटेगा। यह ऑपरेशन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें निर्दोष लोगों की जान गई थी।
पाकिस्तान की ‘हजार जख्म’ वाली नीति अब नहीं चलेगी
सीडीएस चौहान ने पाकिस्तान की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए “हजार घाव” देने की नीति पर चल रहा है। यह नीति 1965 में जुल्फिकार अली भुट्टो की उस बात से शुरू हुई थी, जिसमें उन्होंने भारत से हजार साल तक लड़ने की बात कही थी।
जनरल चौहान ने साफ कहा कि अब भारत किसी भी साजिश या चाल को चुपचाप नहीं सहेगा। अगर पाकिस्तान भारत पर हमला करता है या हमारे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाता है, तो भारत की प्रतिक्रिया उससे कहीं ज्यादा मजबूत और असरदार होगी। उन्होंने यह भी बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बदले की भावना से नहीं, बल्कि आतंकवाद को रोकने के लिए किया गया एक जिम्मेदार सैन्य कदम था।
ऑपरेशन सिंदूर का मकसद – आतंकियों को साफ संदेश देना
सीडीएस चौहान ने बताया कि भारत ने 7 मई को किए गए ऑपरेशन से पहले पाकिस्तान को सूचित किया था और हमलों में केवल आतंकियों के ठिकानों को ही निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि आतंकियों के अड्डों को खत्म करने के लिए थी।
उन्होंने बताया कि पेशेवर सेनाओं के लिए सबसे जरूरी चीज़ परिणाम होते हैं, न कि हानि। उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा, “अगर कोई टीम पारी से जीत जाती है, तो यह मायने नहीं रखता कि कितनी गेंदें बचीं या कितने विकेट गिरे।”

आतंकवाद को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता
अपने संबोधन के अंत में जनरल चौहान ने आतंकवाद को अमानवीय और तर्कहीन बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म या कारण नहीं होता और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत अब साफ कर चुका है कि वह अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और आतंक के खिलाफ लड़ाई को मजबूती से जारी रखेगा।
इस तरह सीडीएस अनिल चौहान का बयान न सिर्फ पाकिस्तान को सख्त चेतावनी है, बल्कि यह भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को भी दोहराता है।
