West Bengal के बीरभूम जिले के हातिया गांव में दो स्थानीय आपराधिक गुटों के बीच पुरानी दुश्मनी लंबे समय से चली आ रही थी।
दो आपराधिक गुटों की पुरानी रंजिश बनी खूनी झड़प की वजह
West Bengal के बीरभूम जिले के हातिया गांव में दो स्थानीय आपराधिक गुटों के बीच पुरानी दुश्मनी लंबे समय से चली आ रही थी। एक गुट का नेतृत्व शेख मैनुद्दीन और शेख मुस्तफी कर रहे थे, जबकि दूसरे गुट की कमान शेख मुनीर के हाथ में थी। शुक्रवार को जब मैनुद्दीन ने इलाके में फिर से घुसने की कोशिश की, तो झड़प ने हिंसक रूप ले लिया।
रात के अंधेरे में हुआ भीषण बम धमाका, दो की मौत
हिंसक झड़प के बाद शुक्रवार रात को मैनुद्दीन और उसके साथी हथियारों और बारूद के साथ वापस लौटे। इसी दौरान West Bengal के इस शांत इलाके में बड़ा बम धमाका हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। धमाके की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि आसपास के गांवों तक सुनी गई और पूरे इलाके में भगदड़ मच गई।
पुलिस जांच में जुटी, मृतकों की पहचान जारी
बीरभूम के एसपी अमनदीप ने पुष्टि की कि इस West Bengal bomb blast में दो लोगों की जान गई है। हालांकि मृतकों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है और जांच तेज़ कर दी गई है। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है लेकिन उनकी संख्या अभी स्पष्ट नहीं की गई है।

TMC से जुड़ाव और नकली करेंसी रैकेट का शक
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि दोनों गुट सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े हुए हैं और नकली करेंसी जैसे संगठित अपराधों में शामिल हैं। यह घटना West Bengal politics में अपराध और सत्ता के गठजोड़ को उजागर करती है। कहा जा रहा है कि ये सिर्फ व्यक्तिगत रंजिश नहीं, बल्कि संगठित आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा है।
