विशाखापत्तनम के सिंहाचलम मंदिर की दीवार गिरने से 7 की मौत, 7 अधिकारी सस्पेंड
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में स्थित सिंहाचलम मंदिर में 1 मई की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। भारी बारिश के कारण मंदिर की एक दीवार गिर गई, जिससे 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सरकार ने इस लापरवाही पर सख्त कदम उठाते हुए सात अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, संबंधित ठेकेदार और दो कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह हादसा संबंधित विभाग की गंभीर लापरवाही के कारण हुआ है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार की सख्ती, ठेकेदार और कर्मचारियों पर आपराधिक मामला दर्ज
घटना के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। तेलुगु देशम पार्टी की सरकार ने स्पष्ट किया कि जो भी लोग इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “घटना में जिन लोगों की जान गई है, उसकी जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसियों और निगरानी अधिकारियों की है।” प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को सहायता और मुआवज़ा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मंदिर प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए ठोस उपाय करें।

गोवा के श्री लईराई देवी मंदिर में भगदड़, 6 श्रद्धालुओं की मौत
गोवा में एक और दुखद घटना सामने आई जब पणजी से करीब 40 किलोमीटर दूर शिरगांव गांव में श्री लईराई देवी मंदिर में भगदड़ मच गई। यह हादसा 4 मई की सुबह 3 बजे उस समय हुआ, जब वार्षिक उत्सव के दौरान हजारों श्रद्धालु मंदिर में एकत्र हुए थे। पुलिस के अनुसार, लगभग 30,000 से 40,000 श्रद्धालु वहां मौजूद थे। भीड़ के एक हिस्से में भगदड़ तब मची जब कुछ लोग मंदिर परिसर के पास एक ढलान पर फिसल कर गिर गए, जिससे अन्य श्रद्धालु भी एक-दूसरे पर गिर पड़े। इस हादसे में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक घायल हो गए।
ढलान पर फिसले लोग बने भगदड़ की वजह, प्रशासन की तैयारियों पर उठे सवाल
गोवा पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार ने बताया कि घटना उस समय हुई जब हजारों लोग एक संकरी गली और ढलान पर एकत्र हो गए थे। जैसे ही कुछ लोग गिरकर फंस गए, पीछे से आ रही भीड़ ने उन्हें कुचल दिया। अधिकारियों ने कहा कि हादसा ढलान वाले क्षेत्र तक ही सीमित रहा, लेकिन इसका असर पूरे कार्यक्रम पर पड़ा। इस हादसे के बाद प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल उठने लगे हैं। सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए भीड़ नियंत्रण और आयोजन स्थलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का आश्वासन दिया है।
