Dr. K.A. Paul के नेतृत्व में प्रजा शांति पार्टी का विस्तार: पूर्व ASP और अंतरराष्ट्रीय व्यवसायी ने थामा हाथ, भाजपा पर बोला हमला
पूर्व पुलिस अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय व्यवसायी का प्रजा शांति पार्टी में स्वागत, नई राजनीतिक दिशा का आगाज
नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में Dr. K.A. Paul के नेतृत्व वाली प्रजा शांति पार्टी (PSP) ने अपनी राजनीतिक ताकत में एक बड़ा इज़ाफा किया। आंध्र प्रदेश के पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) थियोफिलस मोंटी और प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय व्यवसायी (International Businessman) च. वेंकटेश ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। यह घटनाक्रम न केवल दक्षिण भारत की राजनीति में PSP की बढ़ती पकड़ को दर्शाता है, बल्कि एक मजबूत वैकल्पिक नेतृत्व की ओर बढ़ते रुझान का संकेत भी देता है।
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थियोफिलस मोंटी ने हाल ही में अपनी सेवा से त्यागपत्र देकर सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने का साहसिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रजा शांति पार्टी की समावेशी सोच, ईमानदार नेतृत्व और समाज सेवा की भावना ने उन्हें प्रेरित किया। वहीं, च. वेंकटेश, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकारों को आर्थिक सलाह देने के अनुभव के साथ आते हैं, अब पार्टी की आर्थिक रणनीति को दिशा देंगे।

भाजपा पर करारा हमला: Dr. K.A. Paulने जातिगत राजनीति और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व की कमी पर उठाए सवाल
Dr. K.A. Paul(Dr. K.A. Paul) ने प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आंध्र प्रदेश इकाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना आंतरिक चुनाव कराए केवल उच्च जातियों के नेताओं को शीर्ष पद देना भाजपा के उस दावे को झुठलाता है कि वह पिछड़े वर्गों के पक्ष में है।
उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा के 240 से ज्यादा सांसदों में एक भी मुस्लिम या ईसाई नहीं है, जो उनकी तथाकथित ‘समावेशी राजनीति’ की पोल खोलता है। Dr. K.A. Paul ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक और एकपक्षीय राजनीति की ओर बढ़ते कदम बताया।
PSP में शामिल हो रहे हैं राष्ट्रीय स्तर के प्रभावशाली नाम, बढ़ रहा है राजनीतिक प्रभाव
डॉ. पॉल ने यह भी साझा किया कि अब तक दक्षिण भारत के 120 से अधिक वरिष्ठ नेता प्रजा शांति पार्टी से जुड़ चुके हैं। इनमें प्रसिद्ध जनगायक गद्दरन्ना, पूर्व मुख्य सचिव डनमय्या व डी. रोसैया, और पूर्व सांसद व कर्नाटक के डीजीपी एच.टी. शांगलिआना जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
पार्टी अब राष्ट्रीय स्तर पर खुद को भाजपा, कांग्रेस, बीआरएस और जनसेना जैसी पारंपरिक पार्टियों के एक सशक्त विकल्प के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। Dr. K.A. Paul ने बताया कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों के असंतुष्ट नेता भी PSP के संपर्क में हैं।
अर्थव्यवस्था, रोजगार और समावेशी विकास पर फोकस: प्रजा शांति पार्टी का विजन स्पष्ट
अंतरराष्ट्रीय व्यवसायी (International Businessman) च. वेंकटेश ने कहा, “मैं राजनीति करने नहीं, बल्कि नीति निर्माण में योगदान देने आया हूं। भारत को आज पेशेवर सोच और समावेशी विकास की सख्त जरूरत है।” उन्होंने बेरोजगारी और आर्थिक असमानता को सबसे गंभीर चुनौतियों में गिना और कहा कि PSP का मॉडल समाधान-आधारित है, न कि नारेबाज़ी पर आधारित।
Dr. K.A. Paul ने भी दोहराया कि पार्टी विकेन्द्रित औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर आधारित योजनाएं तैयार कर रही है। उन्होंने मौजूदा सरकार की आर्थिक नीतियों को विफल बताया और कहा कि राष्ट्रीय कर्ज और बेरोजगारी बढ़ रही है, जबकि नेतृत्व पूरी तरह दिशाहीन है।
ईमानदारी, समावेशिता और युवा नेतृत्व पर आधारित नई राजनीतिक सोच का वादा
थियोफिलस मोंटी ने PSP की सदस्यता ग्रहण करते हुए कहा, “भारत की 60% आबादी युवा है, लेकिन उनके लिए अवसर नहीं हैं। अब देश को ईमानदार नेतृत्व की जरूरत है, और PSP ही एकमात्र वैकल्पिक शक्ति है जो यह नेतृत्व दे सकती है।” वहीं डॉ. पॉल ने स्पष्ट किया कि प्रजा शांति पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता नहीं, बल्कि समावेशिता, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देना है।
उन्होंने कहा कि पार्टी सभी जातियों, धर्मों, वर्गों और लिंग के लोगों को नेतृत्व में प्राथमिकता देगी और एक नए भारत की नींव रखेगी।
