अमृतसर शराब कांड: जहरीली शराब से 17 की मौत, DSP-SHO सस्पेंड, रैकेट का सरगना समेत 9 गिरफ्तार
9 आरोपी गिरफ्तार, रैकेट का सरगना भी पुलिस की गिरफ्त में
नई दिल्ली, पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बताया कि अवैध शराब कारोबार से जुड़े 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें इस पूरे नेटवर्क का सरगना और स्थानीय स्तर पर वितरकों की भूमिका निभाने वाले लोग शामिल हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मेथनॉल खरीदा और उसका इस्तेमाल करके नकली शराब तैयार की गई। पुलिस ने कहा है कि नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए सघन जांच और छापेमारी जारी है।
डीएसपी और एसएचओ पर लापरवाही का आरोप, विभागीय जांच शुरू

प्रशासन की ओर से सख्त कदम उठाते हुए मजीठा के डीएसपी और एसएचओ को निलंबित कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों पर अपने क्षेत्र में अवैध शराब गतिविधियों की अनदेखी का आरोप है। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पंजाब आबकारी अधिनियम की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
DGP ने सोशल मीडिया पर दी कार्रवाई की जानकारी
DGP गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “अमृतसर में नकली शराब रैकेट का भंडाफोड़ कर लिया गया है। अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य सरगना भी शामिल है। यह रैकेट ऑनलाइन खरीदे गए मेथनॉल का प्रयोग कर जहरीली शराब तैयार करता था, जिससे कई लोगों की मौत हो चुकी है। जांच जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया जाएगा।”
अस्पतालों में हड़कंप, कई की हालत बेहद गंभीर
गुरु नानक देव अस्पताल और सिविल अस्पताल, अमृतसर में भर्ती मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (SMO) डॉ. स्वर्णजीत धवन ने बताया कि कुछ मरीजों की हालत और बिगड़ रही है। उन्होंने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग अब भी नकली शराब के खतरों को गंभीरता से नहीं ले रहे।”
गांव-गांव चल रही जांच, प्रशासन ने शुरू की सक्रिय मुहिम
प्रशासन की टीमों ने गांवों में घर-घर जाकर उन लोगों की पहचान करनी शुरू कर दी है, जिन्होंने कथित तौर पर नकली शराब का सेवन किया हो सकता है। उन्हें समय पर इलाज मुहैया कराने की कोशिश की जा रही है ताकि मौतों का आंकड़ा और न बढ़े।
आंकड़ा बढ़ने की आशंका
स्थानीय सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि कई मरीजों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। यह घटना न केवल पंजाब के आबकारी प्रशासन पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि राज्य में बढ़ते अवैध शराब कारोबार की भयावहता को भी उजागर कर रही है।
