पहली जीत के जश्न में हुआ हादसा, 11 की मौत, कई घायल
बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की पहली IPL जीत के बाद हुआ जश्न एक भयानक हादसे में बदल गया। 4 जून को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक घटना में 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
RCB ने 2008 से IPL में भाग लिया था और 2025 में पहली बार टूर्नामेंट जीता, जिससे हजारों प्रशंसकों की भीड़ मैदान के बाहर जमा हो गई थी। भीड़ नियंत्रण और आयोजन प्रबंधन में खामी के कारण यह दुखद हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।
KSCA सचिव और कोषाध्यक्ष ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दिया इस्तीफा
इस हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। सचिव ए. शंकर और कोषाध्यक्ष ई.एस. जयराम ने केएससीए अध्यक्ष रघुराम भट को एक पत्र सौंपते हुए अपने इस्तीफे की जानकारी दी।
उन्होंने पत्र में लिखा, “हमारी भूमिका इस आयोजन में सीमित थी, लेकिन फिर भी हम नैतिक रूप से खुद को जिम्मेदार मानते हैं।” दोनों के इस्तीफे को अब संघ के भीतर भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे प्रशासनों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

एफआईआर दर्ज, आरसीबी और इवेंट कंपनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू
बेगलुरु पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। कब्बन पार्क थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर RCB प्रबंधन को प्रमुख आरोपी बनाया है। इसके साथ ही इवेंट ऑर्गेनाइज़र DNA इवेंट्स कंपनी और केएससीए की प्रबंधन कंपनी को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 118 (खतरनाक साधनों से गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत दर्ज की गई है।
पुलिस ने आरसीबी के मार्केटिंग और रेवेन्यू हेड निखिल सोसले को गिरफ्तार कर लिया है।
आरसीबी ने जताया दुख, मृतकों को मिलेगा मुआवजा
आरसीबी फ्रेंचाइज़ी ने इस पूरे हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों के इलाज का पूरा खर्च उठाने का भी वादा किया है।
इस हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किसी भी बड़े आयोजन में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था कितनी जरूरी है। अब देखना होगा कि जांच के बाद कौन-कौन जिम्मेदार ठहराया जाता है और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
