अपने गृह नगर अमरावती में एक सम्मान समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश CJI बीआर गवई ने कहा कि हमारे लोकतंत्र की नींव संविधान है
संविधान देश की सबसे बड़ी ताकत – CJI
अपने गृह नगर अमरावती में एक सम्मान समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश CJI बीआर गवई ने कहा कि हमारे लोकतंत्र की नींव संविधान है, न कि कोई संस्था। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद को संविधान में संशोधन करने का अधिकार है, लेकिन वह उसके मूल ढांचे को नहीं बदल सकती।
जज का काम सिर्फ फैसले देना नहीं – CJI
CJI गवई ने कहा कि एक न्यायाधीश की भूमिका केवल सरकार के खिलाफ फैसला देने तक सीमित नहीं है। उन्हें संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा भी करनी होती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जज को फैसले लेते समय इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि लोग उसके बारे में क्या सोचेंगे।
‘बुलडोजर न्याय’ पर भी खुलकर बोले CJI
CJI ने अपने एक चर्चित फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ‘बुलडोजर न्याय’ के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने आश्रय के अधिकार को संविधानिक अधिकार मानते हुए उसका समर्थन किया और कहा कि वे हमेशा मूल अधिकारों की रक्षा के पक्ष में रहे हैं।
पिता की इच्छा से वकील बने CJI
CJI बीआर गवई ने बताया कि उनका सपना आर्किटेक्ट बनने का था, लेकिन उनके पिता चाहते थे कि वे वकील बनें। उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी थे और जेल भी गए थे। उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में पूरा सहयोग किया, और आज CJI गवई उन्हीं की प्रेरणा से इस ऊंचे मुकाम पर पहुंचे हैं।
