🔹 पहली बार India में होगा World Para Athletics Championships का आयोजन
Indiaपहली बार World Para Athletics Championship 2025 की मेजबानी करने जा रहा है। यह आयोजन 27 सितंबर से 5 अक्टूबर 2025 तक दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में किया जाएगा। इसमें 100 से अधिक देशों के 1700 से ज़्यादा पैरा एथलीट्स भाग लेंगे। यह न केवल भारत के लिए एक ऐतिहासिक खेल आयोजन है, बल्कि वैश्विक मंच पर देश की संस्कृति, समावेशिता और खेल भावना को दिखाने का अवसर भी है।
इस चैंपियनशिप की तैयारी को लेकर हाल ही में आधिकारिक लोगो और मास्कॉट ‘वीराज’ का अनावरण किया गया, जिसने आयोजन की आत्मा और भारत की पहचान को खूबसूरती से प्रस्तुत किया।
🔹 लोगो में झलकती भारतीयता, ऊर्जा और समर्पण
World Para Athletics के लिए बनाया गया लोगो गोलाकार है, जो गति और एकता का प्रतीक है। इसके केंद्र में एक रेसिंग व्हीलचेयर में पैरा एथलीट को दर्शाया गया है, जो हिम्मत, समर्पण और अनुशासन की छवि पेश करता है।
लोगो में चारों ओर भारत के सांस्कृतिक प्रतीकों जैसे मोर, हाथी, सितार और चरखा को दर्शाया गया है। साथ ही, दिल्ली के प्रतिष्ठित लोटस टेम्पल को भी केंद्र में स्थान दिया गया है जो भारतीय मेहमाननवाज़ी और आध्यात्मिकता का प्रतीक है।
लोगो में उपयोग किए गए रंग — केसरिया, गहरा नीला और मैजेंटा — ऊर्जा, विविधता और समावेशिता को दर्शाते हैं, जो इस आयोजन की मूल भावना है।
🔹 मास्कॉट ‘वीराज’ बना नई उम्मीद का प्रतीक
इस चैंपियनशिप का आधिकारिक मास्कॉट ‘वीराज’ एक छोटा, मुस्कुराता हुआ हाथी है, जो प्रोस्थेटिक रनिंग ब्लेड पहनकर दौड़ने के लिए तैयार है। उसका नाम संस्कृत शब्द ‘वीराज’ से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है – तेजस्विता और उत्कृष्टता।
वीराज की आंखों में आत्मविश्वास है, उसकी पोशाक पर चैंपियनशिप का लोगो अंकित है, और उसका समर्पण हर उस खिलाड़ी को प्रेरणा देता है जो चुनौतियों से हार नहीं मानता।
वीराज केवल एक मास्कॉट नहीं, बल्कि उस नई सोच का प्रतीक है जो हर बच्चे को यह विश्वास दिलाता है कि कोई भी सीमा स्थायी नहीं होती – ना शारीरिक और ना मानसिक।
🔹 आयोजन से Indiaके वैश्विक खेल भविष्य को मिली मजबूती
भारतीय Para Athletics Championships समिति (PCI) के महासचिव जयवंत ने कहा, “World Para Athletics Championship 2025 केवल एक खेल आयोजन नहीं है, यह भारत की वैश्विक खेलों में बढ़ती भूमिका और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की मंशा की ओर एक निर्णायक कदम है।”
उन्होंने आगे कहा, “जब हम दिल्ली में दुनिया भर के पैरा एथलीट्स का स्वागत करेंगे, तब हम उनके साहस और संघर्ष को ही नहीं, भारत की मेजबानी क्षमता को भी प्रदर्शित करेंगे।”
PCI के निदेशक सत्य बाबू ने मास्कॉट वीराज की सराहना करते हुए कहा, “वीराज सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि साहस और उम्मीद की कहानी है। वह हर पीढ़ी को जोड़ने, बच्चों को प्रेरणा देने और खिलाड़ियों को दिशा देने का काम करेगा।”
🔹 वीराज और लोगो: भारत की भावना और खेल के ज़रिए दुनिया को जोड़ने की सोच
लोगो और मास्कॉट वीराज मिलकर एक अद्भुत कहानी कहते हैं – भारत की संस्कृति, साहस और खेलों के माध्यम से बदलाव की ताकत की। ये प्रतीक दिखाते हैं कि भारत सिर्फ एक आयोजन कर रहा है, बल्कि दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि हर सपना, हर संघर्ष और हर प्रतिभा के लिए हमारे दरवाज़े खुले हैं।
जैसे-जैसे दिल्ली 2025 के लिए तैयार हो रहा है, इन प्रतीकों के ज़रिए भारत समावेशिता, विविधता और वैश्विक एकता की ओर एक नया अध्याय लिख रहा है।
