ताइवान में भारत की महिला रिले टीम ने जीता गोल्ड, HRDS INDIA की स्नेहा बनीं जीत की नायिका
स्नेहा, सुधीक्षा, अभिनया और नित्या ने रचा इतिहास, 4×100 मीटर रिले में रिकॉर्ड टाइम के साथ स्वर्ण पदक
भारत की महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने ताइवान एथलेटिक्स ओपन 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। टीम ने केवल 44.07 सेकंड में रेस पूरी कर न सिर्फ पहला स्थान हासिल किया, बल्कि चैंपियनशिप रिकॉर्ड भी बना दिया। विजेता टीम में वी. सुधीक्षा, अभिनया राजराजन, एस. एस. स्नेहा और नित्या गांधी शामिल थीं। चारों धाविकाओं ने बेहतरीन तालमेल और तेज़ गति के साथ रेस पूरी की और एशिया की टॉप टीमों को पीछे छोड़ दिया।

HRDS INDIA की स्नेहा की चमकदार दौड़ से टीम को मिली मजबूती, अकादमी को मिली पहली वैश्विक सफलता
इस शानदार जीत का श्रेय HRDS INDIA स्पोर्ट्स अकादमी की धाविका एस. एस. स्नेहा को भी जाता है, जिन्होंने अपनी जबरदस्त परफॉर्मेंस से टीम को मजबूती दी। यह वही टीम है जिसने कुछ दिन पहले कोरिया में हुई एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था और टोक्यो में होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 के लिए क्वालिफाई किया था। उस समय टीम में सीनियर खिलाड़ी स्रबनी नंदा थीं, लेकिन ताइवान में उनकी जगह सुधीक्षा ने ली और टीम का प्रदर्शन पहले से भी बेहतर रहा।
HRDS INDIA के डायरेक्टर अजी ने कहा, “यह सिर्फ एक गोल्ड मेडल नहीं है, यह उस मेहनत और समर्पण का नतीजा है जो हमारी अकादमी के कोच और खिलाड़ी करते हैं। स्नेहा जैसे खिलाड़ी हमारी सबसे बड़ी उम्मीद हैं, खासकर आदिवासी और ग्रामीण बेटियों के लिए।”

समाज के लिए प्रेरणा बनीं बेटियां, गुरु आत्मानंबी जी बोले— यह जीत हर सीमित सोच को तोड़ती है
HRDS INDIA के आध्यात्मिक गुरु आत्मानंबी जी ने इस जीत को सिर्फ खेल तक सीमित नहीं माना। उन्होंने कहा, “हर जीत व्यक्तिगत नहीं होती। यह सामाजिक बदलाव की शुरुआत होती है। स्नेहा की सफलता हर उस लड़की के लिए उम्मीद की किरण है जो सीमाओं से बाहर निकलकर कुछ बड़ा करना चाहती है।”
HRDS INDIA स्पोर्ट्स अकादमी, जो केरल में स्थित है, खास तौर पर आदिवासी और कमजोर वर्ग के बच्चों को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए काम करती है। ताइवान में जीता गया यह स्वर्ण पदक अकादमी की पहली अंतरराष्ट्रीय सफलता है और यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर कोई भी बच्चा विश्वस्तरीय प्रदर्शन कर सकता है।
अब जब टोक्यो वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 नजदीक आ रही है, भारत की महिला रिले टीम का यह प्रदर्शन साफ इशारा करता है कि वे अब विश्व मंच पर मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
