चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़ हादसे की जांच शुरू, 11 की मौत और 47 घायल
बेंगलुरु डीसी जी. जगदीश को सौंपी गई जांच, 15 दिन में रिपोर्ट देनी होगी
कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हुए दर्दनाक भगदड़ हादसे की जांच का जिम्मा बेंगलुरु शहरी जिले के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) जी. जगदीश को सौंपा है। यह हादसा बुधवार को हुआ था, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई और 47 से ज्यादा लोग घायल हो गए। राज्य सरकार ने इसकी मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और जांच अधिकारी को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि यह हादसा किन कारणों से हुआ, कहां प्रशासन से चूक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
RCB की जीत का जश्न बना हादसे की वजह, टूटा बैरिकेड और मची भगदड़
यह हादसा रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की जीत के बाद हुए जश्न के दौरान हुआ। हजारों की संख्या में लोग विधानसभा भवन और चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास जमा हो गए थे। जैसे ही भीड़ बढ़ी, स्टेडियम के एक गेट पर लगा बैरिकेड दबाव में टूट गया, जिससे भगदड़ मच गई। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और कई लोग घायल हो गए।
कर्नाटक के डीजीपी और आईजीपी एम.ए. सलीम ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 3:30 से 4:30 बजे के बीच हुई। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की तैयारी बहुत जल्दबाजी में की गई थी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा सके थे, जिसकी वजह से यह दुर्घटना हुई।

नेताओं और प्रधानमंत्री ने जताया दुख, मुख्यमंत्री बोले– होगी निष्पक्ष जांच
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस हादसे को “बहुत ही दुखद” बताते हुए कहा कि इसकी पूरी निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा कारणों से पहले ही विधानसभा से स्टेडियम तक निकलने वाली विजय परेड को रद्द कर दिया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर शोक जताया और सोशल मीडिया पर लिखा, “बेंगलुरु में हुआ हादसा बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक में डूबे परिवारों के साथ हैं और मैं घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं।”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर इस हादसे को “दिल दहला देने वाला” कहा और पीड़ितों के परिवारों के लिए गहरी संवेदना जताई।
