Thailand की राजनीति में 1 जुलाई 2025 को बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब प्रधानमंत्री patongturn Shinawatra को संवैधानिक अदालत ने उनके पद से निलंबित कर दिया।
कंबोडिया से कॉल लीक: थाईलैंड की राजनीति में उथल-पुथल
Thailand की राजनीति में 1 जुलाई 2025 को बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब प्रधानमंत्री patongturn Shinawatra को संवैधानिक अदालत ने उनके पद से निलंबित कर दिया। यह फैसला एक फोन कॉल लीक मामले को लेकर लिया गया जिसमें शिनवात्रा ने कथित रूप से पड़ोसी देश कंबोडिया के सीनेट अध्यक्ष हुन सेन से सीमा विवाद को लेकर बातचीत की थी।
यह कॉल 15 जून को हुई थी, जबकि 28 मई को दोनों देशों के बीच सीमा पर संघर्ष हुआ था, जिसमें एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हो गई थी। इसी के बाद से क्षेत्र में तनाव व्याप्त था। शिनवात्रा ने इस कॉल को तनाव घटाने के उद्देश्य से किया बताया, लेकिन कॉल की रिकॉर्डिंग लीक होने के बाद थाईलैंड में विरोध की लहर फैल गई।
विपक्षी दलों ने इसे राष्ट्रीय संप्रभुता के उल्लंघन की संज्ञा दी और प्रधानमंत्री के खिलाफ संवैधानिक याचिका दाखिल कर दी।
संवैधानिक अदालत का सख्त रुख: PM को पद से किया निलंबित
थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए 7-2 के बहुमत से प्रधानमंत्री शिनवात्रा को तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वे अपने पद पर बने नहीं रह सकते।
कोर्ट ने शिनवात्रा को 15 दिनों के भीतर सारे साक्ष्य और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब जब देश के शीर्ष पद पर अस्थिरता है, तो कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में उप प्रधानमंत्री सुरिया जुंगरुंगरुआंगकिट की नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है।
Shinawatra ने दिया जवाब, जनता से मांगी माफी
38 वर्षीय शिनवात्रा, जो पूर्व प्रधानमंत्री थक्सिन शिनवात्रा की बेटी हैं, ने अदालत के आदेश को स्वीकार करते हुए जनता से माफी मांगी है। उन्होंने कहा,
“मैंने यह कॉल केवल क्षेत्र में शांति बनाए रखने और सैनिकों की जान बचाने के इरादे से की थी। मेरा कोई गलत उद्देश्य नहीं था। देशहित में जो भी जरूरी लगा, मैंने किया।”
शिनवात्रा ने अपने समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि वह अदालत के समक्ष पूरी ईमानदारी से पक्ष रखेंगी और पूरा सच सामने लाएंगी।

राजनीतिक भविष्य पर संकट, थाईलैंड में अस्थिरता की आशंका
यह घटनाक्रम Thailand के राजनीतिक भविष्य को प्रभावित कर सकता है। शिनवात्रा की पार्टी देश में लोकप्रिय मानी जाती है और उनकी व्यक्तिगत छवि भी काफी मजबूत रही है। हालांकि, यह विवाद उनके नेतृत्व की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।
यदि अदालत यह मान लेती है कि उन्होंने जानबूझकर संवैधानिक नियमों का उल्लंघन किया या नैतिक आचार संहिता तोड़ी, तो उन्हें स्थायी रूप से पद से हटाया जा सकता है। इससे Thailand में राजनीतिक अस्थिरता और गहराने की आशंका है।
इस पूरे घटनाक्रम पर Modi सरकार (Modi Government) सहित दक्षिण एशिया के अन्य देशों की भी नज़र बनी हुई है, क्योंकि थाईलैंड क्षेत्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
