ओडिशा में बड़ा हादसा टला: सौरव गांगुली के भाई-भाभी स्पीडबोट पलटने से बाल-बाल बचे
अर्पिता गांगुली ने नाव ऑपरेटरों पर लापरवाही का लगाया आरोप
भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली के बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली और उनकी पत्नी अर्पिता गांगुली की जान एक बड़े हादसे में बाल-बाल बच गई। यह घटना ओडिशा के पुरी समुद्र तट की है, जहां दोनों छुट्टियां मना रहे थे। रविवार शाम को वाटर स्पोर्ट्स के दौरान उनकी स्पीडबोट अचानक समुद्र में पलट गई।
बताया जा रहा है कि यह हादसा लाइटहाउस इलाके के पास होटल सोनार बांग्ला के सामने समुद्र तट पर हुआ। हादसे के वक्त गांगुली दंपती अन्य लोगों के साथ स्पीडबोट में समुद्र की सैर पर निकले थे। तभी तेज लहरों की चपेट में आकर नाव पलट गई।
लाइफगार्ड्स ने समय रहते बचाई जान
जैसे ही नाव पलटी, सवार सभी लोग समुद्र के पानी में गिर गए। तुरंत ही मौजूद लाइफगार्ड्स ने रबर फ्लोट्स और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। किसी को गंभीर चोट नहीं आई और अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत भी नहीं पड़ी।
इस हादसे के बाद अर्पिता गांगुली ने बताया कि वे अब भी सदमे में हैं। उन्होंने कहा, “अगर वहां तुरंत मदद नहीं पहुंचती तो हम शायद नहीं बच पाते। यह अनुभव बेहद डरावना था।”

नाव पलटने की वजह बनी लापरवाही?
अर्पिता गांगुली ने स्पीडबोट ऑपरेटरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि नाव में यात्रियों की क्षमता 10 लोगों की थी, लेकिन पैसे के लालच में सिर्फ 3-4 लोगों को ही सवारी करने दी गई। अर्पिता ने कहा, “हमने पहले ही लहरों को देखकर चिंता जताई थी, लेकिन ऑपरेटरों ने हमें यह कहकर शांत कर दिया कि सब ठीक है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर नाव में ज़्यादा लोग होते, तो वह शायद नहीं पलटती। अर्पिता ने इन गतिविधियों को संचालित करने वाले ऑपरेटरों की सख्त जांच की मांग की है।
अनुभवहीन कर्मचारियों ने चलाई थी नाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस स्पीडबोट में यह हादसा हुआ, वह एक निजी एडवेंचर कंपनी के तहत चलाई जा रही थी। इस कंपनी के कर्मचारी प्रशिक्षित या अनुभवी नहीं थे। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना लापरवाही और सुरक्षा में कमी का नतीजा हो सकती है।
हालांकि इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन यह एक बड़ा सबक है कि समुद्र में वाटर स्पोर्ट्स के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई करेगा, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।
