1987 में जब दूरदर्शन पर पहली बार रामानंद सागर की ‘रामायण’ शुरू हुई, तो पूरे देश में इसने तहलका मचा दिया।
जब टीवी पर छाया ‘रामायण’, बना हर घर का हिस्सा
1987 में जब दूरदर्शन पर पहली बार रामानंद सागर की ‘रामायण’ शुरू हुई, तो पूरे देश में इसने तहलका मचा दिया। हर रविवार सुबह जब ये सीरियल आता था, तो सड़कें खाली हो जाती थीं और लोग पूजा करके टीवी के सामने बैठ जाते थे। इस शो ने अरुण गोविल (भगवान राम) और दीपिका चिखलिया (मां सीता) को घर-घर में पूजनीय बना दिया। आज भी लोग इन्हें असली राम और सीता मानते हैं।
रामायण की शूटिंग के दौरान हुआ था चमत्कार
इस ऐतिहासिक शो की शूटिंग के दौरान ऐसी कई घटनाएं घटीं, जिन्हें सुनकर लोग आज भी हैरान रह जाते हैं। ऐसी ही एक घटना खुद दीपिका चिखलिया ने साझा की थी, जिसे एक ईश्वरीय चमत्कार माना गया। दीपिका ने एक वीडियो में बताया कि एक सीन के लिए कौवे की जरूरत थी, लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी कौवा नहीं मिल रहा था।
इससे रामानंद सागर जी काफी परेशान हो गए थे। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि किसी तरह ये सीन पूरा हो जाए। वो इतने परेशान थे कि रातभर सो नहीं पाए।
जब रामानंद सागर ने भगवान से मांगी मदद
दीपिका ने बताया कि रामानंद सागर सेट पर काफी शांत और गहरे सोच में डूबे हुए थे। तभी अचानक उन्हें एक कौवे की आवाज सुनाई दी, जिसे सुनते ही वे हाथ जोड़कर प्रार्थना करने लगे। दीपिका को यह देखकर हैरानी हुई कि वे एक कौवे से इस तरह बात कर रहे थे, मानो कोई देवीय शक्ति प्रकट हो गई हो।

कौवा आया और चमत्कार हो गया
रामानंद सागर जी की प्रार्थना का असर ऐसा हुआ कि वो कौवा धीरे-धीरे नीचे आया और सेट पर मौजूद बच्चे ललन के साथ खेलने लगा। यह नजारा सभी को आश्चर्यचकित कर गया। रामानंद सागर ने तुरंत ही उस सीन की शूटिंग शुरू कर दी और सब कुछ बेहद सहजता से हो गया। जब शूटिंग पूरी हुई और कौवा उड़ गया, तो उन्होंने आसमान की ओर देखा और हाथ जोड़कर भगवान राम को धन्यवाद दिया।
रामानंद सागर बोले – भगवान ने मदद भेजी
जब दीपिका ने उनसे पूछा कि वह ऊपर देखकर क्या कह रहे थे, तो रामानंद सागर ने भावुक होकर जवाब दिया – “मैं भगवान राम को धन्यवाद कह रहा था।”
उन्होंने कहा कि उन्होंने भगवान से प्रार्थना की थी, और भगवान ने उनकी पुकार सुनकर कौवे के रूप में मदद भेजी।
आज भी लोग करते हैं उस शो को याद
यह घटना सिर्फ एक शूटिंग की नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास की मिसाल बन गई है। रामायण सिर्फ एक टीवी शो नहीं था, वह भारत की संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक बन गया था। आज भी उस शो को याद करते हुए लोग भावुक हो जाते हैं और इस चमत्कार को भगवान की कृपा मानते हैं।
