सिनेमा की शुरुआत की बात करें तो दुनिया की पहली फिल्म का नाम 'Roundhay Garden Scene' था। यह फिल्म 16 नवंबर 1888 को बनाई गई थी।
“राउंडहे गार्डन सीन” है दुनिया की पहली फिल्म
सिनेमा की शुरुआत की बात करें तो दुनिया की पहली फिल्म का नाम ‘Roundhay Garden Scene’ था। यह फिल्म 16 नवंबर 1888 को बनाई गई थी। फिल्म केवल 2.11 सेकंड की थी और इसे इंग्लैंड के लीड्स शहर में एक गार्डन में शूट किया गया था। इसमें एक इंग्लिश परिवार को बगीचे में टहलते हुए दिखाया गया है। यह फिल्म मूक (Silent) थी, यानी इसमें कोई आवाज या संवाद नहीं थे।
लुइस ले प्रिंस ने रचा था इतिहास
इस ऐतिहासिक फिल्म के निर्देशक और निर्माता थे लुइस ले प्रिंस, जो एक फ्रांसीसी आविष्कारक, फोटोग्राफर और फिल्ममेकर थे। उन्होंने ही पहली बार चलती तस्वीरों को रिकॉर्ड करने की तकनीक का उपयोग किया। हालांकि, फिल्म इतिहास में उनका नाम ज़्यादा चर्चा में नहीं आ पाया, जबकि उन्होंने सिनेमा की नींव रखी।
डायरेक्टर की मौत बनी रहस्य
लुइस ले प्रिंस की कहानी उतनी ही रहस्यमय है, जितनी उनकी फिल्म ऐतिहासिक। 1890 में वे अचानक गायब हो गए और फिर कभी नहीं मिले। उनकी मौत और लापता होना आज तक एक रहस्य बना हुआ है। इस वजह से उन्हें फिल्म इतिहास में वह सम्मान नहीं मिल पाया, जिसके वे हकदार थे। उनका योगदान भले ही छाया में रहा हो, लेकिन सच यही है कि उन्होंने दुनिया की पहली फिल्म बनाकर इतिहास रच दिया।

सिर्फ कुछ सेकंड की थी यह फिल्म, लेकिन असर हमेशा के लिए
हालांकि ‘Roundhay Garden Scene’ फिल्म सिर्फ 2 सेकंड लंबी थी, लेकिन इसका महत्व बहुत बड़ा है। यह वो समय था जब लोगों ने पहली बार चलती हुई तस्वीरें (motion picture) देखीं। इससे पहले तक सिर्फ फोटो खिंचवाई जाती थी, लेकिन लुइस ले प्रिंस ने फोटो को जिंदगी दी और उन्हें चलाया।
क्यों नहीं मिला लुइस ले प्रिंस को वह पहचान?
ले प्रिंस के रहस्यमय ढंग से गायब होने के बाद उनकी उपलब्धियों पर परदा सा पड़ गया। बाद में फिल्म निर्माण का श्रेय थॉमस एडिसन जैसे अन्य लोगों को दिया जाने लगा। लेकिन हाल के वर्षों में इतिहासकारों और सिनेमा प्रेमियों ने लुइस ले प्रिंस को वह सम्मान देना शुरू किया है, जिसके वे वास्तव में हकदार थे।
